जीजा के मर्डर करने के मामले में दो सगे साले समेत चार आरोपियों का आजीवन कारावास और 25 हजार रुपए के जुर्माने की सजा मिली है। बाड़मेर एडीजे कोर्ट-2 के जज पीयूष चौधरी ने खेत विवाद को लेकर किए हमले में शुक्रवार को आरोपियों को दोषी माना और सजा सुनाई। कोर्ट में 20 गवाह, 7 आर्टिकल और 56 डॉक्यूमेंट पेश किए है। करीब साढ़े तीन साल बाद कोर्ट ने आदेश दिया है।
अपर लोक अभियोजक ने बताया- 7 जुलाई 2022 को मृतक मोहम्मद के भाई हाजी हासम ने रामसर थाने में रिपोर्ट दी थी। बताया कि हाजी हासक के बेटे सरादीन वगैरा और हरूण व मजीद का संयुक्त खेत गांव तामलियार में आया हुआ है। विवाद होने पर मामला उपखंड रामसर में पेश किया गया। इसका फैसला हो चुका है। लेकिन इस खेत को लेकर रंजिश चल रही थी। इसी को लेकर 6 जुलाई 2022 को कुल्हाड़ी व लाठी-डंडे लेकर आए और मोहम्मद का रास्ता रोककर उसके साथ बेरहमी से मारपीट की।
सिर और हाथ समेत कई जगहों पर वार किए
मृतक के सिर, हाथ और जांघ पर कुल्हाड़ी से वार किए। बचाने आए सरादीन, इस्माइल पर भी वार किए गए। मोहम्मद की हॉस्पिटल में मौत हो गई। पुलिस ने रिपोर्ट पर मर्डर की धाराओं में साले मजीद, हारूण पुत्र नसीर, बचाया पुत्र हारूण, अलादीन पुत्र आदम के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। जांच करने के बाद कोर्ट में इनके खिलाफ आरोप-पत्र पेश किया गया।
3 साल 8 माह बाद आया फैसला
एडीजे कोर्ट 2 के जज पीयूष चौधरी ने दोनों पक्षों की बहस को सुना। इस दौरान कोर्ट में 20 गवाह, 7 आर्टिकल और 56 डॉक्यूमेंट पेश किए। शुक्रवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट पीयूष चौधरी ने चार आरोपियों को आजीवन कारावास और 25 हजार के जुर्माने की सजा सुनाई है। इसमें दो आरोपी मृतक मोहम्मद के साले है।













