मुंबई: मलाड वेस्ट के न्यू लिंक रोड स्थित एवरशाइन मॉल के पीछे का नजारा किसी मुख्य सड़क जैसा नहीं, बल्कि एक ‘निजी पार्किंग’ जैसा लगता है। शॉप नंबर 8/13, समृद्धि बिज़नेस पार्क के बाहर का इलाका इन दिनों अवैध पार्किंग का अड्डा बन चुका है। आलम यह है कि सड़क का एक हिस्सा पूरी तरह से ब्लॉक रहता है, जिससे आम जनता और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
वशिष्ठ वाणी की बार-बार गुहार, पर प्रशासन ‘कुंभकर्णीय’ नींद में
स्थानीय नागरिकों और वशिष्ठ वाणी द्वारा इस गंभीर समस्या को लेकर गोरेगांव RTO अधिकारियों से कई बार शिकायतें की गई हैं। सड़कों को अतिक्रमण मुक्त रखने की जिम्मेदारी निभाने वाले RTO के अधिकारी न केवल इन शिकायतों को अनदेखा कर रहे हैं, बल्कि उनकी चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है।
सड़क पर किसका राज?
सड़क पर बेतरतीब खड़ी गाड़ियां इस बात का प्रमाण हैं कि नियमों को ताक पर रखा जा रहा है। जब भी आप इस रास्ते से गुजरेंगे, आपको सड़क का एक पूरा कोना जाम मिलेगा। सवाल यह उठता है कि:
- क्या गोरेगांव RTO को यह ‘अवैध अतिक्रमण’ दिखाई नहीं देता?
- शिकायतों के बाद भी अब तक ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की गई?
- क्या प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है, जिसके बाद ही उनकी नींद खुलेगी?
प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गहराते सवाल
सड़कें आवागमन के लिए होती हैं, न कि निजी वाहनों की पार्किंग के लिए। गोरेगांव RTO की यह निष्क्रियता सीधे तौर पर उनकी कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाती है। क्या नियम सिर्फ आम जनता के लिए हैं, या फिर रसूखदार लोगों के दबाव में विभाग कार्रवाई करने से बच रहा है?
क्षेत्र की जनता अब एक ही सवाल पूछ रही है—आखिर कब तक यह रास्ता अवैध पार्किंग से मुक्त होगा और कब गोरेगांव RTO के अधिकारी अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए इस सड़क को आम जनता के लिए पूरी तरह खुलवाएंगे?











