मुंबई (वशिष्ठ वाणी): कांदिवली वेस्ट के एकता नगर इलाके में भारत गैस की 14 गाड़ियों का अवैध जमावड़ा स्थानीय निवासियों के लिए एक ‘चलते-फिरते बम’ के समान है। ‘वशिष्ठ वाणी’ पिछले कई महीनों से इस गंभीर सुरक्षा खतरे को उजागर कर रहा है, लेकिन आरटीओ (RTO) और स्थानीय प्रशासन की आंखों पर पट्टी बंधी है।
अब जनता की निगाहें महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस जी पर टिकी हैं—क्या वे इस अव्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही पर सख्त संज्ञान लेंगे?
सुरक्षा नियमों का खुला उल्लंघन, कोई सुनने वाला नहीं!

आवासीय इलाके की मुख्य सड़क को इन गैस गाड़ियों ने पार्किंग स्टैंड बना दिया है। यदि रात के अंधेरे में या किसी इमरजेंसी के दौरान यहां आगजनी जैसी कोई दुर्घटना हुई, तो न केवल गैस गाड़ियां, बल्कि आसपास की पूरी सोसाइटी का अस्तित्व खतरे में आ जाएगा।
वशिष्ठ वाणी के तीखे सवाल:
- देवेंद्र फडणवीस जी, कब तक चलेगी यह मनमानी? कांदिवली की जनता आपकी तरफ उम्मीद भरी नजरों से देख रही है। क्या जनता की जान की सुरक्षा आपके शासन में प्राथमिकता नहीं है?
- प्रशासन की चुप्पी का कारण क्या है? क्या RTO अधिकारी सतीश राउत और उनके वरिष्ठ अधिकारियों को ये 14 गाड़ियां नहीं दिख रही हैं, या फिर इसके पीछे किसी ‘ऊपरी रसूख’ का हाथ है?
- अवैध पार्किंग का खेल कब खत्म होगा? एकता नगर का रोड है या ‘गैस डिपो’? इस सड़क को कब आम लोगों और ट्रैफिक के लिए खाली कराया जाएगा?
अब होगी निर्णायक कार्रवाई?
‘वशिष्ठ वाणी’ ने इस मुद्दे पर बार-बार रिपोर्टिंग की है, लेकिन हर बार अधिकारियों ने अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ लिया है। अब गेंद सीधे देवेंद्र फडणवीस जी के पाले में है।
चेतावनी: प्रशासन यह जान ले कि अगर इस ‘अवैध अड्डे’ के कारण एकता नगर में कोई बड़ी अनहोनी हुई, तो इसका पूरा दोष उन लापरवाह अधिकारियों और उन्हें संरक्षण देने वालों पर होगा, जो लगातार शिकायतों के बावजूद आंखें मूंदे बैठे रहे।













