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मालाड: प्लेजन्ट पार्क सोसायटी में कथित अवैध निर्माण पर गरमाई सियासत, कार्रवाई की उठी मांग

मुंबई (मालाड): मालाड (पश्चिम) के लिंक रोड स्थित एवरशाइन नगर की प्लेजन्ट पार्क सोसायटी इन दिनों कथित अवैध निर्माण को लेकर चर्चा में है। सोसायटी परिसर की खुली जगह में लगभग 400 वर्ग फुट (40 × 10 फुट) क्षेत्र में लोहे के चैनल और एंगल लगाकर किए जा रहे शेड के निर्माण ने स्थानीय प्रशासन और निवासियों के बीच हलचल मचा दी है।

क्या है पूरा मामला?

सामाजिक कार्यकर्ता सम्राट बागुल ने इस मामले में मोर्चा खोलते हुए 10 जून 2026 को मुंबई महानगरपालिका आयुक्त अश्विनी भिडे और पी/उत्तर विभाग के सहायक आयुक्त कुंदन वळवी को लिखित शिकायत सौंपी है। आरोप है कि सोसायटी की खुली जगह पर बिना किसी वैध अनुमति के लोहे का ढांचा खड़ा किया जा रहा है। शिकायतकर्ता का अंदेशा है कि इस जगह का इस्तेमाल भविष्य में अवैध होटल या व्यावसायिक प्रतिष्ठान के तौर पर किया जा सकता है, जो सीधे तौर पर मुंबई महानगरपालिका अधिनियम, 1888 के प्रावधानों का उल्लंघन है।

अधिकारियों से त्वरित कार्रवाई की अपील

समाजसेवक सम्राट बागुल ने 10 जून 2026 को बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिडे और पी/उत्तर विभाग के सहायक आयुक्त कुंदन वळवी को लिखित शिकायत सौंपी है। अपनी शिकायत में उन्होंने मांग की है कि:

  • अधिकारी तत्काल स्थल का निरीक्षण करें।
  • सोसायटी के स्वीकृत भवन आराखड़े (Approved Plan) और निर्माण दस्तावेजों की जांच की जाए।
  • अनधिकृत पाए जाने पर मुंबई महानगरपालिका अधिनियम की धारा 351 के तहत नोटिस जारी कर अवैध निर्माण को ध्वस्त किया जाए।

इससे पहले, 5 जून 2026 को आपदा प्रबंधन विभाग में भी शिकायत क्रमांक 3722 के जरिए इस बाबत शिकायत दर्ज कराई गई थी।

आयुक्त की सख्ती से कार्रवाई की प्रबल संभावना

इस मामले ने तब तूल पकड़ा जब मनपा आयुक्त श्रीमती अश्विनी जोशी ने पूरे शहर में भवन सेवा क्षेत्र में हो रहे अवैध निर्माणों के खिलाफ अधिकारियों को बेहद सख्त और प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। आयुक्त के इस कड़े रुख के बाद स्थानीय लोगों में उम्मीद जगी है कि अब इस मामले में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

क्या होगी अगली कार्यवाही? अब सभी की निगाहें पी/उत्तर विभाग के अधिकारियों पर टिकी हैं। विभाग द्वारा जल्द ही स्थल निरीक्षण, दस्तावेजों का सत्यापन और निर्माण की वैधता की जांच की जाएगी। यदि निर्माण अवैध पाया जाता है, तो नियमानुसार डिमोलिशन (निष्कासन) की कार्रवाई तय मानी जा रही है।

वशिष्ठ वाणी की अपील: सम्राट बागुल ने प्रशासन से मांग की है कि आम नागरिकों की सुरक्षा और कानून के समान पालन को सुनिश्चित करने के लिए इस प्रकरण में निष्पक्ष और पारदर्शी कार्रवाई की जाए, ताकि शहर में बढ़ते अवैध निर्माणों पर नकेल कसी जा सके।

वशिष्ठ वाणी — जहाँ सवाल दबाए नहीं जाते, उठाए जाते हैं।

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