लोकप्रिय विषयमहाराष्ट्रसम्पादकीयकवितास्वास्थ्यअपराधअन्यवीडियो

RTO अधिकारी सतीश राउत की मेहरबानी: कांदिवली एकता नगर में भारत गैस का ‘अवैध पहिया गोदाम’, 25 हजार जिंदगियों पर मंडराया मौत का साया!

मुंबई (वशिष्ठ वाणी): क्या कांदिवली वेस्ट का एकता नगर रोड किसी बड़े और भयानक अग्निकांड की पृष्ठभूमि तैयार कर रहा है? ‘वशिष्ठ वाणी’ आज फिर एक बार इस गंभीर विषय को पूरी ताकत से उठा रहा है ताकि समय रहते यहाँ रहने वाले 20 से 25 हजार निर्दोष नागरिकों की जान बचाई जा सके।

इस घनी आबादी वाले आवासीय क्षेत्र की मुख्य सड़क को भारत गैस एजेंसी ने अपना ‘अवैध पहिया गोदाम’ बना लिया है, और इस पूरे खेल को कांदिवली आरटीओ (RTO) अधिकारी सतीश राउत की मेहरबानी और मूक सहमति हासिल है।

चलते-फिरते ‘टाइम बम’ पर सोया है प्रशासन, हादसे के बाद ही जागेंगे?

एकता नगर रोड पर दिन-रात लाइन से खड़ी रहने वाली भारत गैस की ये 14 गाड़ियाँ कोई साधारण गाड़ियाँ नहीं हैं—ये हाई-प्रेशर एलपीजी (LPG) सिलेंडरों से लदे चलते-फिरते टाइम बम हैं।

  • खतरे का आकलन: यदि रात के अंधेरे में या ट्रैफिक जाम के दौरान इनमें से किसी एक भी वाहन में शॉर्ट सर्किट या किसी अन्य वजह से मामूली सी भी आग लगती है, तो पूरी सड़क पल भर में मणिकर्णिका जैसे श्मशान में तब्दील हो जाएगी।
  • जनता का सवाल: क्या आरटीओ प्रशासन और स्थानीय पुलिस किसी बड़ी तबाही का इंतजार कर रहे हैं? क्या मासूमों की मौत के बाद ही यहाँ सिर्फ एक औपचारिक ‘जांच कमेटी’ बिठाई जाएगी?

“मंत्रालय से मिली है अनुमति”— अधिकारी सतीश राउत का गैर-जिम्मेदाराना ढोंग!

जब ‘वशिष्ठ वाणी’ ने इस जानलेवा अवैध पार्किंग को लेकर सीधे आरटीओ अधिकारी सतीश राउत को कटघरे में खड़ा किया, तो कार्रवाई करने के बजाय उन्होंने अपनी नाकामी छुपाने के लिए एक हास्यास्पद और गैर-जिम्मेदाराना बहाना बना दिया। राउत का दावा है कि— “इन गाड़ियों को यहाँ 24 घंटे खड़े रहने की अनुमति सीधे मंत्रालय (Mantralaya) से मिली है।”

‘वशिष्ठ वाणी’ का सीधा प्रहार: > सतीश राउत जी, आपका यह मूर्खतापूर्ण दावा न तो ‘वशिष्ठ वाणी’ को मंजूर है और न ही कांदिवली की जनता के गले उतरता है। क्या मंत्रालय का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी 25 हजार लोगों की घनी बस्ती के बीच, मुख्य सड़क पर ऐसी खतरनाक गाड़ियों को डेरा डालने की अनुमति दे सकता है? क्या मंत्रालय जनता की मौत के वारंट पर दस्तखत करेगा? साफ है कि अपनी नाकामी, लापरवाही और मिलीभगत पर पर्दा डालने के लिए मंत्रालय के नाम का दुरुपयोग किया जा रहा है!


समय रहते जागिए सीएम देवेंद्र फडणवीस जी, बचाइए 25 हजार जानें!

  • ‘वशिष्ठ वाणी’ महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और गृह विभाग के मुखिया देवेंद्र फडणवीस जी से सीधे तौर पर यह मांग करता है कि वे इस मामले में तुरंत दखल दें। रसूखदार गैस एजेंसी के इस जानलेवा सिंडिकेट और उसे संरक्षण देने वाले आरटीओ अधिकारी सतीश राउत के दावों की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।

वशिष्ठ वाणी का संकल्प: जनता की सुरक्षा सर्वोपरि है। जब तक एकता नगर रोड से इन 14 गैस गाड़ियों को हटाकर इस रोड को पूरी तरह खाली और सुरक्षित नहीं कर दिया जाता, तब तक ‘वशिष्ठ वाणी’ की कलम और खोजी पत्रकारिता का यह अभियान रुकने वाला नहीं है!

Join WhatsApp

Join Now

और पढ़ें

मराठी अस्मिता के नाम पर राजनीति करने वालों, इस मराठी महिला का दर्द क्यों नहीं दिखता?

वशिष्ठ वाणी के सवालों से डरे ‘अधिकारी’! “डिप्टी कलेक्टर विनायक पाडवी ने मीडिया से बात करने से मना किया है”: कलेक्ट्रेट अधिकारी उमेश चौधरी

कलेक्टर कार्यालय के अधिकारी उमेश चौधरी की पीड़ित महिला को धमकी: “जो रास्ता मिला वो लो, वरना यह भी लॉक कर दूंगा!”

मुंबई: BMC की ‘अधूरी कार्रवाई’ पर उठे सवाल; बैनर तो हटाया, लेकिन फुटपाथ पर ‘बांस का ढांचा’ क्यों छोड़ा?

मुंबई: प्रचार के फेर में झुका ट्रैफिक सिग्नल, ‘वशिष्ठ वाणी’ के तीखे सवालों के बाद भी सो रहा बीएमसी प्रशासन!

१ साल से बंद रास्ते पर दौड़े डिप्टी कलेक्टर विनायक, लेकिन कार्रवाई के नाम पर ‘हाथ कांपे’; वशिष्ठ वाणी ने अब थमाया गया लीगल नोटिस!

Leave a Comment