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BMC की लापरवाही: राम मंदिर, लोखंडवाला के बाद अब जनकल्याण नगर में भी खुला मौत का कुआं!

मुंबई: शहर की बदहाल व्यवस्था और BMC की उदासीनता का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। राम मंदिर SV रोड और लोखंडवाला कॉम्प्लेक्स के बाद अब बिलाबोंग हाई इंटरनेशनल स्कूल जनकल्याण नगर में भी गटर का ढक्कन टूटा हुआ मिला है। यह खुला हुआ गटर राहगीरों और वाहन चालकों के लिए किसी बड़े हादसे को दावत दे रहा है।

“शिकायत दर्ज” ही क्या BMC का एकमात्र समाधान है?

वशिष्ठ वाणी जब भी जनहित में खबरों के माध्यम से इन समस्याओं को उजागर करता है, तो जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से त्वरित कार्रवाई के बजाय केवल खानापूर्ति की जाती है। BMC इन समस्याओं को जड़ से ठीक करने के बजाय केवल शिकायत दर्ज करके Vashishtha Vani को सूचित कर देती है, मानो समस्या हल हो गई हो।

कब जागेगा BMC का ज़मीर?

सवाल यह उठता है कि क्या BMC को किसी बड़े हादसे का इंतज़ार है? क्या एक नागरिक की सुरक्षा से ज्यादा जरूरी कागजी कार्रवाई है? स्थानीय निवासी अब यह पूछने को मजबूर हैं कि आखिर यह गड्ढा और टूटा ढक्कन कब दुरुस्त होगा और कब इन लापरवाह अधिकारियों की कार्यशैली में सुधार आएगा?

वशिष्ठ वाणी इस मुद्दे पर लगातार नजर बनाए रखेगा और जब तक जनता की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो जाता, तब तक प्रशासन से जवाबदेही मांगता रहेगा।

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