मुंबई: मुंबई की सड़कों का हाल किसी से छिपा नहीं है, लेकिन वशिष्ठ वाणी द्वारा बार-बार आगाह किए जाने के बावजूद BMC के अधिकारियों की कानों पर जूँ तक नहीं रेंग रही है। ताज़ा मामला कंदिवली (मलाड पश्चिम) स्थित जनकल्याण नगर में बिलबोंग इंटरनेशनल स्कूल के पास का है।
क्या मानसून का इंतज़ार कर रही है BMC?
स्कूल के पास सड़क के बीचों-बीच और किनारे पर बने ये गहरे गड्ढे किसी बड़े हादसे को न्यौता दे रहे हैं। विडंबना यह है कि मानसून का मौसम सिर पर है, लेकिन ऐसा लगता है कि BMC के जिम्मेदार अधिकारी जनसुविधाओं को सुधारने के बजाय ‘कुंभकर्णी नींद’ सो रहे हैं। वशिष्ठ वाणी की रिपोर्टिंग और बार-बार की शिकायतों के बाद भी इन गड्ढों को भरना तो दूर, इनकी सुध लेना तक जरूरी नहीं समझा गया।
क्या जनता केवल इंतज़ार करने के लिए है?
सड़क पर बने ये गड्ढे केवल गड्ढे नहीं, बल्कि प्रशासन की लापरवाही के प्रतीक हैं। जब तक इन लापरवाह अधिकारियों का मन नहीं करेगा या कोई बड़ा हादसा नहीं हो जाएगा, तब तक शायद ही इन गड्ढों को भरा जाए। क्या आम जनता की सुरक्षा BMC की प्राथमिकताओं में कहीं है भी या नहीं?
वशिष्ठ वाणी स्थानीय निवासियों और स्कूल जाने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन से कड़ा सवाल पूछता है: आखिर कब तक चलेगा यह खेल? कब भरा जाएगा जनकल्याण नगर का यह जानलेवा गड्ढा?










