मुंबई (वशिष्ठ वाणी): क्या मालवणी के समाना नगर में म्हाडा का शासन चलता है या किसी निजी माफिया का? म्हाडा के वाइस प्रेसिडेंट संजीव जायसवाल के अधीन कार्यरत क्षेत्रनिर्माण अधिकारी संतोष कांबले की कार्यप्रणाली अब सीधे तौर पर सवालों के घेरे में है। ‘ओम सिद्धिविनायक सोसाइटी’ में नियमों को ताक पर रखकर किए जा रहे अवैध निर्माणों पर न केवल म्हाडा अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं, बल्कि शिकायत करने पर पत्रकार का नंबर ब्लॉक करना यह साबित करता है कि दाल में कुछ काला नहीं, पूरी दाल ही काली है।
15 साल पुरानी जर्जर पानी की टंकी— हादसों को न्योता या सरकारी धन का बंदरबांट?

स्थानीय लोगों के मुताबिक, 15 साल पुरानी पानी की टंकी के ऊपर विधायक असलम शेख के फंड का उपयोग कर एक अवैध शेड का निर्माण कर दिया गया है। आज यह स्ट्रक्चर खतरे की घंटी बन चुका है। भारी वजन और गैर-कानूनी निर्माण के कारण अगर यह टंकी ढही, तो दर्जनों जिंदगियां काल के गाल में समा जाएंगी। जब सोसाइटी में पहले से ही दो भव्य गार्डन मौजूद हैं, तो इस जानलेवा निर्माण का औचित्य क्या है?
मौत का जाल: इमरजेंसी गेट पर अवैध पार्किंग और ताला
सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि फेडरेशन के अध्यक्ष ने म्हाडा के सुरक्षित ‘इमरजेंसी रास्ते’ को पार्किंग स्टैंड में बदल दिया है और उसे ताला जड़ दिया है।
- सवाल: कल को यदि कोई बड़ी आग लगती है, तो फायर ब्रिगेड की गाड़ी कहां से अंदर जाएगी?
- अधिकारी का रवैया: जब इस बारे में संतोष कांबले से जवाब मांगा गया, तो उन्होंने स्पष्ट कहा— “मैं मीडिया के कहने पर कुछ नहीं करूँगा।”

जनता के सेवक या निर्माण माफिया के दलाल?
संतोष कांबले का यह कहना कि “सोसाइटी का स्टिकर लगा दो, रास्ता लॉक रहेगा”— यह किसी सरकारी अधिकारी की भाषा नहीं, बल्कि कानून को खुलेआम चुनौती है। क्या यही है म्हाडा का ‘सुशासन’? एक तरफ जनता अपनी सुरक्षा के लिए दर-दर भटक रही है, और दूसरी तरफ म्हाडा के अधिकारी उन लोगों को बचाने में लगे हैं जो शहर की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।
संजीव जायसवाल जी, अब चुप रहे तो आप भी जिम्मेदार!
‘वशिष्ठ वाणी’ के पास अवैध निर्माण और ब्लॉक रास्ते के पुख्ता सबूत (फोटो और ब्लूप्रिंट) मौजूद हैं। अब म्हाडा के उपाध्यक्ष संजीव जायसवाल को यह तय करना होगा कि क्या वे संतोष कांबले जैसे ‘अहंकारी’ अधिकारियों का बचाव करेंगे या मालवणी के निवासियों की जान की रक्षा के लिए ठोस कार्रवाई करेंगे?
वशिष्ठ वाणी की चेतावनी: अगर इस अवैध निर्माण को तुरंत नहीं गिराया गया और आपातकालीन रास्ता बहाल नहीं किया गया, तो आने वाले समय में होने वाली किसी भी दुर्घटना के जिम्मेदार सीधे तौर पर म्हाडा प्रशासन, संजीव जायसवाल और संतोष कांबले होंगे।












