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वशिष्ठ वाणी की खबर का असर: बिलाबॉन्ग स्कूल और रॉयल ओएसिस के पास स्पीड ब्रेकर के लिए BMC का ‘MARG’ सिस्टम सक्रिय; निवासियों को अब काम पूरा होने का इंतज़ार!

मालाड: ‘वशिष्ठ वाणी’ द्वारा बिलाबॉन्ग हाई इंटरनेशनल स्कूल और रॉयल ओएसिस के पास सड़क सुरक्षा के मुद्दे को प्रमुखता से उठाने के बाद बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) प्रशासन हरकत में आया है। खबर का संज्ञान लेते हुए BMC ने इस मांग को अपने MARG (मैनेजमेंट एंड रिड्रेसल ऑफ़ ग्रिवांस) सिस्टम पर रजिस्टर कर लिया है।

प्रशासनिक कदम, पर धरातल पर अभी काम बाकी

जहाँ एक ओर BMC का सिस्टम पर शिकायत दर्ज करना एक सकारात्मक संकेत है, वहीं स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह केवल एक शुरुआत है। सड़क पर अभी स्पीड ब्रेकर नहीं लगा है, जिसके कारण खतरा जस का तस बना हुआ है। निवासियों के लिए अब असली राहत तभी होगी जब स्पीड ब्रेकर वास्तव में सड़क पर नज़र आएंगे।

निवासियों की मांग: सिर्फ सिस्टम नहीं, सड़क पर काम चाहिए

स्थानीय लोगों का कहना है: “प्रशासन ने शिकायत तो दर्ज कर ली है, लेकिन क्या अब BMC अधिकारी इसे फाइल में दबा देंगे या जल्द ही स्पीड ब्रेकर भी लगाएंगे? हम चाहते हैं कि स्कूल के बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए BMC बिना किसी और देरी के काम पूरा करे।”

वशिष्ठ वाणी का रुख

‘वशिष्ठ वाणी’ का स्पष्ट मानना है कि जनता की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं होना चाहिए। हमने मुद्दा उठा दिया है और प्रशासन को जवाबदेह बना दिया है। अब हमारी नज़र इस पर है कि BMC कितनी जल्दी इसे धरातल पर उतारती है।

क्या यह केवल खानापूर्ति है या सच में सुरक्षा की ओर कदम? हम इस मुद्दे पर लगातार नज़र बनाए रखेंगे और जब तक यहाँ स्पीड ब्रेकर नहीं लग जाते, हम प्रशासन को चैन से बैठने नहीं देंगे।

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