मुंबई: मालाड राममंदिर SV रोड से गुजरने वाले हर वाहन चालक और राहगीर के लिए यह रास्ता अब किसी सजा से कम नहीं रह गया है। रोड पर बने गहरे गड्ढे न केवल हादसों को न्यौता दे रहे हैं, बल्कि प्रतिदिन यहाँ घंटों का जाम आम जनता की कमर तोड़ रहा है। ‘वशिष्ठ वाणी’ को लगातार मिल रही जन शिकायतों के बावजूद, जिम्मेदार BMC अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है।
BMC का सुस्त रवैया, जनता पिस रही जाम में
राममंदिर SV रोड का यह हिस्सा इस समय बदहाल स्थिति में है। स्थानीय निवासियों और वाहन चालकों का कहना है कि उन्होंने कई बार प्रशासन से गुहार लगाई, लेकिन नतीजा सिफर रहा। क्या BMC की लापरवाही का आलम यह है कि उन्हें जनता की तकलीफें दिखाई नहीं देतीं? हर दिन इस गड्ढे के कारण लगने वाले जाम से हजारों लोगों का समय बर्बाद हो रहा है, लेकिन विभाग की मशीनरी गहरी नींद में सोई हुई है।
क्या अधिकारी अपनी जिम्मेदारी भूल चुके हैं?
‘वशिष्ठ वाणी’ का सीधा सवाल BMC के इन लापरवाह अधिकारियों से है:
- जिस कार्य और वेतन के लिए आपको जनता की सेवा में नियुक्त किया गया है, उसे पूरा करने में आपकी इतनी उदासीनता क्यों है?
- क्या आपको सिर्फ फाइलों में काम करना आता है, या सड़क पर उतरकर हकीकत देखने की फुर्सत भी है?
- जनता चाहे शिकायत करे या कोर्ट का दरवाजा खटखटाए, आप पर कोई फर्क नहीं पड़ता—क्या यह आपकी कार्यशैली का हिस्सा बन चुका है?
वशिष्ठ वाणी की सख्त चेतावनी
अधिकारियों की शह पर चल रही यह लापरवाही अब बर्दाश्त के बाहर है। अगर प्रशासन ने इन गड्ढों को तत्काल ठीक नहीं किया और जनता को राहत नहीं पहुंचाई, तो ‘वशिष्ठ वाणी’ इस मुद्दे को और भी आक्रामक तरीके से उठाएगी। अब हम चुप नहीं बैठेंगे; जनता की सुरक्षा और सुविधा से खिलवाड़ करने वाले किसी भी अधिकारी को जवाबदेही तय करनी ही होगी।
BMC जागे, या फिर जनता खुद सड़क पर उतरे? फैसला अब प्रशासन को करना है!











