मालाड, मुंबई: मालवणी क्षेत्र में अवैध और खतरनाक निर्माण कार्यों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता सम्राट बागुल ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि पी/उत्तर विभाग के उप-अभियंता प्रशांत तावडे की कथित मिलीभगत के कारण अवैध निर्माण करने वाले ठेकेदारों को खुला संरक्षण मिल रहा है, जिससे प्रशासनिक कार्रवाई महज एक औपचारिकता बनकर रह गई है।
क्या है मामला?
सम्राट बागुल के अनुसार, मालवणी के कई इलाकों में नियमों को ताक पर रखकर निर्माण कार्य किए जा रहे हैं:
- गेट नंबर 4: गाला क्रमांक 723 एवं 597 पर ‘ग्राउंड प्लस 2’ मंजिला खतरनाक निर्माण कार्य पूरा किया जा चुका है।
- गेट नंबर 3: ओल्ड पोस्ट ऑफिस के पास और गोट फार्म के पीछे भी ‘ग्राउंड प्लस 2’ मंजिला कमरों का अवैध निर्माण कार्य तेजी से जारी है।
प्रशासन की चुप्पी पर सवाल
सामाजिक कार्यकर्ता ने बताया कि इस बाबत सहायक आयुक्त (पी/उत्तर विभाग) कुंदन वळवी और सहायक अभियंता (इमारत एवं कारखाना विभाग) को 26 मई और 19 जून 2026 को लिखित शिकायतें दी गई थीं। साथ ही, ‘आपले सरकार’ पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
बढ़ता जा रहा है हादसों का खतरा
बिना किसी वैध अनुमति के किए जा रहे इन निर्माणों में बेहद घटिया और कमजोर सामग्री का उपयोग किया जा रहा है, जो कभी भी किसी बड़ी दुर्घटना को न्योता दे सकती है। बागुल ने 9 जून 2021 की उस दर्दनाक घटना की याद दिलाई, जब मालवणी में तीन मंजिला मकान गिरने से 12 लोगों की जान चली गई थी। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या प्रशासन एक और बड़ी त्रासदी का इंतजार कर रहा है?
न्यायालय और शासन के निर्देशों की अवहेलना
बागुल ने आरोप लगाया कि पी/उत्तर विभाग का इमारत एवं कारखाना विभाग मुंबई उच्च न्यायालय और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के स्पष्ट निर्देशों की भी खुलेआम अवहेलना कर रहा है।
चेतावनी: सामाजिक कार्यकर्ता सम्राट बागुल ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इन अवैध निर्माणों पर कार्रवाई नहीं की गई और कोई अनहोनी हुई, तो उसकी संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की होगी।












