लोकप्रिय विषयमहाराष्ट्रसम्पादकीयकवितास्वास्थ्यअपराधअन्यवीडियो

मालवणी वार्ड 34 में अवैध निर्माण को अधिकारियों का संरक्षण? सामाजिक कार्यकर्ता सम्राट बागुल ने मांगी कार्रवाई

मालाड, मुंबई: मालवणी क्षेत्र में अवैध और खतरनाक निर्माण कार्यों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता सम्राट बागुल ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि पी/उत्तर विभाग के उप-अभियंता प्रशांत तावडे की कथित मिलीभगत के कारण अवैध निर्माण करने वाले ठेकेदारों को खुला संरक्षण मिल रहा है, जिससे प्रशासनिक कार्रवाई महज एक औपचारिकता बनकर रह गई है।

क्या है मामला?

सम्राट बागुल के अनुसार, मालवणी के कई इलाकों में नियमों को ताक पर रखकर निर्माण कार्य किए जा रहे हैं:

  • गेट नंबर 4: गाला क्रमांक 723 एवं 597 पर ‘ग्राउंड प्लस 2’ मंजिला खतरनाक निर्माण कार्य पूरा किया जा चुका है।
  • गेट नंबर 3: ओल्ड पोस्ट ऑफिस के पास और गोट फार्म के पीछे भी ‘ग्राउंड प्लस 2’ मंजिला कमरों का अवैध निर्माण कार्य तेजी से जारी है।

प्रशासन की चुप्पी पर सवाल

सामाजिक कार्यकर्ता ने बताया कि इस बाबत सहायक आयुक्त (पी/उत्तर विभाग) कुंदन वळवी और सहायक अभियंता (इमारत एवं कारखाना विभाग) को 26 मई और 19 जून 2026 को लिखित शिकायतें दी गई थीं। साथ ही, ‘आपले सरकार’ पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

बढ़ता जा रहा है हादसों का खतरा

बिना किसी वैध अनुमति के किए जा रहे इन निर्माणों में बेहद घटिया और कमजोर सामग्री का उपयोग किया जा रहा है, जो कभी भी किसी बड़ी दुर्घटना को न्योता दे सकती है। बागुल ने 9 जून 2021 की उस दर्दनाक घटना की याद दिलाई, जब मालवणी में तीन मंजिला मकान गिरने से 12 लोगों की जान चली गई थी। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या प्रशासन एक और बड़ी त्रासदी का इंतजार कर रहा है?

न्यायालय और शासन के निर्देशों की अवहेलना

बागुल ने आरोप लगाया कि पी/उत्तर विभाग का इमारत एवं कारखाना विभाग मुंबई उच्च न्यायालय और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के स्पष्ट निर्देशों की भी खुलेआम अवहेलना कर रहा है।

चेतावनी: सामाजिक कार्यकर्ता सम्राट बागुल ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इन अवैध निर्माणों पर कार्रवाई नहीं की गई और कोई अनहोनी हुई, तो उसकी संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की होगी।

Join WhatsApp

Join Now

और पढ़ें

७२ घंटे बीते, पर कांदिवली पश्चिम छत्रपति शिवाजी राजे कॉम्प्लेक्स से नहीं हिले बारूद के ट्रक; ‘वशिष्ठ वाणी’ के खुलासे के बाद अब कोर्ट के कटघरे में होंगे लापरवाह अफ़सर!

बड़ी खबर: ४८ घंटे बाद भी एकता नगर में डटे हैं ‘मौत के ट्रक’; कांदिवली ट्रैफिक पुलिस और RTO की रहस्यमयी चुप्पी!

रितु तावड़े और प्रशासन से जनता का सीधा सवाल—फुटपाथ ब्लॉक हैं तो नागरिक कहाँ से जाएंगे?

विशेष रिपोर्ट: आरटीओ की ‘फॉरवर्डिंग पॉलिटिक्स’ और सड़कों पर रेंगता मलाड; शिकायतों के बाद भी न्यू लिंक रोड पर अवैध वाहनों का डेरा!

ग्राउंड रिपोर्ट: क्या कांदिवली के नए अधिकारी ‘भारत गैस’ के अवैध गोदाम और पार्किंग पर करेंगे सख्त प्रहार? जनता की सुरक्षा खतरे में!

ग्राउंड रिपोर्ट: कांदिवली का ‘तिराहा’ या ऑटो गैरेज? प्रशासन की लापरवाही से लिंक रोड पर लगा जाम का ग्रहण!

Leave a Comment