मुंबई: राममंदिर SV रोड पर प्रशासन की मनमानी का आलम यह है कि पिछले दो महीनों से सड़क के बीचों-बीच खुला एक विशाल गड्ढा अब ‘दुर्घटनाओं का हॉटस्पॉट’ और ‘ट्रैफिक का अंतहीन कारण’ बन चुका है। क्या BMC के अधिकारियों ने मान लिया है कि जनता की सुरक्षा उनकी जिम्मेदारी नहीं है?
सवालों के घेरे में व्यवस्था:
- ट्रैफ़िक का दम घुटता रूट: यह SV रोड का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जहाँ घंटों तक जाम लगा रहता है। इस गड्ढे के कारण सड़कें सिकुड़ गई हैं, जिससे स्कूली बसों, एम्बुलेंस और आम नागरिकों का निकलना दूभर हो गया है।
- दुर्घटनाओं का बढ़ता खतरा: हालांकि अभी तक कोई बड़ी अनहोनी नहीं हुई है, लेकिन गड्ढे के कारण अचानक ब्रेक लगाने और वाहनों के असंतुलित होने से ‘दुर्घटनाओं का खतरा’ हर पल बना हुआ है। क्या प्रशासन किसी मौत के आंकड़ों का इंतज़ार कर रहा है?
- अधिकारियों की चुप्पी: ‘वशिष्ठ वाणी’ ने बार-बार इस मुद्दे को उठाया है, लेकिन BMC के अधिकारी कान में तेल डाले बैठे हैं। कौन है वो जिम्मेदार अधिकारी, जिसने पिछले 60 दिनों से इस सड़क को ‘खोदा हुआ’ छोड़ रखा है?
आम जनता का आक्रोश:
आज वहां से गुजरने वाले हर व्यक्ति की जुबान पर एक ही सवाल है—“क्या यह BMC का शहर है या गड्ढों का?” स्थानीय लोग अब इस ‘ट्रैफिक जाम’ और ‘खुली मौत’ से तंग आ चुके हैं।
‘वशिष्ठ वाणी’ की चेतावनी: यदि अगले 48 घंटों में इस सड़क की मरम्मत नहीं की गई, तो ‘वशिष्ठ वाणी’ इस मामले को सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) और नगर आयुक्त (Municipal Commissioner) के समक्ष रखेगी। अब हम महज समाचार नहीं छापेंगे, बल्कि इस लापरवाही के लिए जवाबदेही तय करेंगे।
जनता जाग चुकी है, अब सवाल पूछने की बारी आपकी है!












