मुंबई (मालवणी): मालवणी गेट नंबर 8 स्थित सामना नगर की ‘मालवणी स्वप्नपूर्ति सोसायटी’ में म्हाडा (MHADA) के नियमों और कानून का खुलेआम मखौल उड़ाया जा रहा है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरे खेल के पीछे म्हाडा के उपनिबंधक (Deputy Registrar) के अधिकारी बी. एस. कटरे की रहस्यमयी खामोशी और संरक्षण है। आखिर उपनिबंधक कटरे का जमीर कब जागेगा और कब इस भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई होगी?
जांच में दोषी, फिर भी ‘क्लीन चिट’: कटरे की मेहरबानी का खेल
ग्राउंड रियलिटी और रूम मालिकों से मिली जानकारी के मुताबिक, म्हाडा उपनिबंधक के अधिकारी बी. एस. कटरे ने पहले मालवणी स्वप्नपूर्ति सोसायटी पर जांच बैठाई थी। जांच में सोसायटी के अध्यक्ष बालासाहेब भगत को दोषी पाया गया। लेकिन इसके बाद जो हुआ, उसने म्हाडा की पारदर्शिता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया—उन्हीं दोषी बालासाहेब भगत को उपनिबंधक कटरे ने रातों-रात निर्दोष साबित कर दिया।
फेडरेशन के नाम पर वसूली और जनता की जान से खिलवाड़
अवैध कब्जे और उगाही का जाल यहीं नहीं थमा। म्हाडा के आपातकालीन रास्ते (Emergency Exit Route) को एक तथाकथित फेडरेशन बनाकर अवैध पार्किंग में तब्दील कर दिया गया। हैरान करने वाली बात यह है कि इस फेडरेशन का अध्यक्ष भी कोई और नहीं, बल्कि यही बालासाहेब भगत है।
- लाखों का जुर्माना, पर कटरे मौन: फेडरेशन के बैनर तले आपातकालीन रास्ते को पूरी तरह लॉक कर दिया गया है, जिससे स्थानीय लोगों की जान खतरे में है। म्हाडा क्षेत्र निर्माण के अधिकारियों ने इस अवैध निर्माण और पार्किंग पर कड़ा संज्ञान लेते हुए 1 लाख 8 हजार रुपये का जुर्माना तक लगाया और नोटिस जारी किया। लेकिन कटरे ने इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
- इमरजेंसी रोड पर पार्किंग वसूली: सूत्रों के मुताबिक, वाहन मालिकों को गुमराह किया जा रहा है कि यह जगह फेडरेशन की है, और उनसे पार्किंग के नाम पर अवैध रूप से मोटी राशि वसूली जा रही है।
ऑन-कैमरा कबूला ‘रूम दलाली’ का सच, फिर भी कुर्सी बरकरार
सोसायटी के रूम मालिकों में इस तानाशाही को लेकर भारी आक्रोश है।
- हस्ताक्षर अभियान भी बेअसर: कई रूम मालिकों ने एक बड़ा हस्ताक्षर अभियान चलाकर उपनिबंधक कटरे से गुहार लगाई कि भ्रष्ट अध्यक्ष बालासाहेब भगत को पद से हटाया जाए, लेकिन कटरे के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है।
- AGM मीटिंग में कबूलनामा: हद तो तब हो गई जब खुद बालासाहेब भगत ने एजीएम (AGM) मीटिंग में सार्वजनिक रूप से कबूल किया कि वह पद पर बैठकर ‘रूम दलाली’ (Brokerage) का धंधा करते हैं। इसके बावजूद म्हाडा उपनिबंधक कार्यालय शांत बैठा है।
- सोसायटी दफ्तर का निजी इस्तेमाल: रूम मालिकों ने यह भी शिकायत की है कि सोसायटी के पैसों का दुरुपयोग करके कार्यालय में एसी (AC) लगा दिया गया है और यह दफ्तर प्रतिदिन निजी कामों के लिए खुला रहता है। लेकिन इन सब सबूतों के बाद भी उपनिबंधक के अधिकारी बी. एस. कटरे टस से मस होने को तैयार नहीं हैं।
वशिष्ठ वाणी का सीधा सवाल
“जब म्हाडा क्षेत्र निर्माण विभाग खुद अवैध निर्माण पर सवा लाख के करीब जुर्माना ठोक रहा है, जब अध्यक्ष खुद दलाली की बात कबूल कर रहा है, तो उपनिबंधक के अधिकारी बी. एस. कटरे किस कदर की जांच का इंतजार कर रहे हैं? क्या कटरे और भगत के बीच कोई गुप्त ‘सांठगांठ’ है? ‘वशिष्ठ वाणी’ म्हाडा के वरिष्ठ अधिकारियों और वाइस प्रेसिडेंट संजीव जायसवाल से मांग करती है कि इस पूरे मामले की विजिलेंस जांच हो और कटरे व भगत दोनों की जवाबदेही तय की जाए!”










