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पालम आग त्रासदी पर गरमाई सियासत: Arvind Kejriwal का आरोप—‘BJP कार्यकर्ताओं ने शोक सभा में की गुंडागर्दी’

नई दिल्ली: दिल्ली के पालम इलाके में हुई भीषण आग की घटना के बाद अब सियासी माहौल भी गर्म हो गया है। 19 मार्च 2026 को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए इस हादसे को लेकर गंभीर आरोप लगाए और अपनी नाराजगी जाहिर की।

यह दर्दनाक Palam Fire Incident 18 मार्च को हुआ था, जिसमें कश्यप परिवार के 9 सदस्यों की मौत हो गई, जिनमें 3 मासूम बच्चे भी शामिल थे। आग एक चार मंजिला इमारत में लगी थी, जहां नीचे कपड़े और कॉस्मेटिक्स की दुकानें संचालित हो रही थीं। बताया जा रहा है कि ज्यादातर लोगों की मौत धुएं में घुटने से हुई, जबकि राहत-बचाव कार्य में देरी ने हालात और बिगाड़ दिए।

केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने अपने पोस्ट में आरोप लगाया कि वे पीड़ित परिवार से मिलने पालम पहुंचे थे, लेकिन वहां BJP कार्यकर्ताओं ने उन्हें रोकने की कोशिश की, बदसलूकी की और कुर्सियां तक फेंकीं। उन्होंने इसे अमानवीयता बताते हुए कहा कि शोक संतप्त परिवार के बीच इस तरह की हरकत बेहद निंदनीय है। यह मामला अब AAP vs BJP Clash के रूप में सामने आ रहा है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस Delhi Fire Tragedy में सरकार की लापरवाही साफ दिखती है। केजरीवाल के मुताबिक, फायर ब्रिगेड की हाइड्रोलिक लिफ्ट/सीढ़ी तक सही समय पर काम नहीं कर पाई, जिससे कई लोगों की जान बचाई जा सकती थी। इस मुद्दे को Fire Safety Negligence से जोड़ते हुए उन्होंने सवाल उठाए कि आखिर ऐसी गंभीर खामी क्यों रही।

पृष्ठभूमि में उन्होंने बताया कि कश्यप परिवार के सदस्य राजेंद्र कश्यप, जो AAP से जुड़े हैं और गोवा में ऑब्जर्वर के रूप में कार्य कर रहे थे, हादसे की खबर मिलते ही तुरंत दिल्ली लौट आए। वहीं, केजरीवाल भी गोवा से सीधे एयरपोर्ट से पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे थे।

इस घटना के बाद दिल्ली में आग सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बहस तेज हो गई है। जहां एक ओर AAP सरकार बीजेपी पर आरोप लगा रही है, वहीं दूसरी ओर बीजेपी की ओर से भी पलटवार किया जा रहा है। कुल मिलाकर यह मामला अब एक बड़ा Delhi Political Clash बन चुका है, जिसने राजधानी की राजनीति में तनाव और बढ़ा दिया है।

यह हादसा न केवल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि संवेदनशील घटनाओं के बीच भी राजनीति किस तरह हावी हो रही है।

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