मुम्बई/वशिष्ठ वाणी। मालाड (पश्चिम) के पी/उत्तर विभाग अंतर्गत वॉर्ड क्र. 48, मालवणी दादासाहेब गायकवाड नगर स्थित एम.एच.बी. कॉलोनी में चल रहे सीमेंट कंक्रीट (CC) सड़क निर्माण कार्य पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय स्तर पर सामने आए आरोपों ने कार्य की गुणवत्ता और पारदर्शिता को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता सम्राट बागुल ने निर्माण स्थल का निरीक्षण कर कई तकनीकी खामियों की ओर ध्यान दिलाया है। उनके अनुसार, ठेकेदार द्वारा सड़क निर्माण में ठूकपट्टी (अस्थायी भराव) का उपयोग किया जा रहा है, जिससे सड़क की मजबूती पर संदेह उत्पन्न होता है।
ड्रेनेज कार्य में भी अनियमितता के आरोप
निरीक्षण में यह भी सामने आया कि नए ड्रेनेज कार्य के दौरान गंदे नाले का पानी समुचित रूप से नहीं निकाला गया और भूमि की पर्याप्त RAFT तैयारी नहीं की गई। कई स्थानों पर ड्रेनेज वॉल के माप (मेजरमेंट) में भी कथित अनियमितताएं देखी गईं।
सड़क की मोटाई मानक से कम
नगरपालिका द्वारा चाल नंबर 108 में बन रही सीसी सड़क की मोटाई मात्र 4 इंच (लगभग 100 मि.मी.) पाई गई, जो अभियांत्रिकी मानकों से काफी कम बताई जा रही है।
मानक के अनुसार:
- सामान्य शहरी क्षेत्रों में न्यूनतम मोटाई: 6–8 इंच (150–200 मि.मी.)
- अधिक ट्रैफिक वाले मार्गों के लिए: 8–10 इंच (200–250 मि.मी.)
विशेषज्ञों का कहना है कि केवल 4 इंच मोटाई की सड़क जल्द ही दरारें पकड़ सकती है और खराब हो सकती है, जिससे सार्वजनिक धन का नुकसान संभव है।
लिखित शिकायत, जांच की मांग
सम्राट बागुल ने संबंधित रोड अधिकारी को लिखित शिकायत देकर मांग की है कि:
- तत्काल तकनीकी निरीक्षण कराया जाए
- कोर कटिंग टेस्ट से वास्तविक मोटाई की जांच हो
- ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों की जांच की जाए
- मानक के अनुसार 6–8 इंच मोटाई में गुणवत्तापूर्ण कार्य कराया जाए
- कार्य का गुणवत्ता प्रतिवेदन सार्वजनिक किया जाए
उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो सड़क शीघ्र खराब होकर सरकारी धन की बड़ी हानि कर सकती है।
प्रशासन से कार्रवाई की अपेक्षा
स्थानीय नागरिकों ने भी संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि तकनीकी त्रुटियों और संभावित भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि सार्वजनिक परियोजनाओं में गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।










