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फिर विवादों में घिरी JNU, लगे ‘हिंदू राष्ट्र से आजादी, राम राज्य से आजादी’ जैसे नारे, जाने हकीकत 

JNU Slogans: जेएनयू एक बार फिर से विवादों में है. प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने एक बार फिर से आजादी के नारे लगाए हैं. आजादी के नारों के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हैं. छात्र विश्वविद्यालय प्रशासन से कई मसलों को लेकर मांग कर रहे हैं जिनमें छात्रावास, स्कॉलरशिप, जाति जनगणना, लाइब्रेरी के स्ट्रक्चर जैसे मुद्दे शामिल हैं.

JNU march: जवाहर लाल यूनिवर्सिटी एक बार फिर से विवादों में है. जेएनयू के अंदर आजादी की मांग वाले नारे फिर से गूंजे हैं. यहां प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने कथित तौर पर हिंदू विरोधी नारे लगाए हैं. छात्रों ने हिंदू राष्ट्र से आजादी, राम राज्य से आजादी के नारे लगाए हैं. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इन नारों के वीडियो वायरल हैं. 

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक यूजर ने लिखा कि जेएनयू एनएसयूआई पूरी तरह से हिंदू विरोधी हो गई है.  कांग्रेस की छात्र शाखा कम्युनिस्टों के साथ मिलकर हिंदू राष्ट्र से आजादी और राम राज्य से आजादी की मांग कर रही है.  विडंबना यह है कि कांग्रेस नेता महात्मा गांधी, जो हिंदू थे, राम राज्य चाहते थे.

मुद्दों पर नहीं सनातन के खिलाफ नारे 

जेएनयू में कथित हिंदू विरोधी नारों को लेकर एबीवीपी ने प्रतिक्रिया दी है. ABVP के जेएनयू इकाई के प्रेसिडेंट राजेश्वर कांत दुबे ने कहा कि कुछ वामपंथी लोग अपने प्रोटेस्ट में छात्र हितों को लेकर नारे नहीं लगाते बल्कि सनातन के खिलाफ नारे लगाते हैं. जेएनयू में छात्रों की मांगों को लेकर कई दिनों से प्रदर्शन चल रहा था. इसी के तहत कुछ वामपंथी और एनएसयूआई ने शिक्षा मंत्रालय तक मार्च निकाला था. इसमें छात्रों की मांग को लेकर नारेबाजी नहीं हुई बल्कि सनातन के खिलाफ नारे लगे बल्कि भारत के खिलाफ नारे लगे. 

क्यों हो रहा विरोध प्रदर्शन?

जानकारी के मुताबिक, छात्र हितों से जुड़ी मांगों को लेकर यह विरोध प्रदर्शन हो रहा है. छात्र भूख हड़ताल पर बैठे हैं. छात्र विश्वविद्यालय प्रशासन से छात्रावास, स्कॉलरशिप, जाति जनगणना, लाइब्रेरी के स्ट्रक्चर, मौखिक परीक्षा का वेटेज घटाने जैसे मुद्दों की मांग कर रहे हैं. इस दौरान दिल्ली पुलिस ने शिक्षा मंत्रालय तक होने वाले मार्च में शामिल कई छात्रों को गिरफ्तार भी किया है.

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