मुंबई (विशेष संवाददाता): मुंबई के कांदिवली वेस्ट स्थित एकता नगर इलाका इस वक्त एक बड़े हादसे की मुहाने पर खड़ा है। यहाँ की मुख्य सड़क को ‘भारत गैस’ की 14 बड़ी गाड़ियों ने अपना अवैध गैस डिपो बना लिया है। स्थानीय निवासियों के लिए यह गाड़ियां किसी ‘चलते-फिरते टाइम बम’ से कम नहीं हैं। बेहद चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि गैस एजेंसी का मालिक अपने गोदाम (Warehouse) का किराया बचाने के चक्कर में, इन बेहद संवेदनशील और ज्वलनशील सिलेंडरों से लदी गाड़ियों को 24 घंटे खुलेआम सड़क पर खड़ी रखता है।
सूत्रों के मुताबिक, एजेंसी मालिक के लिए गोदाम का रेंट भरने से कहीं ज्यादा सस्ता कांदिवली ट्रैफिक पुलिस का चालान भरना है। चंद रुपयों का चालान देकर वह पूरे इलाके की सुरक्षा को ताक पर रख रहा है, लेकिन स्थानीय आरटीओ (RTO) और प्रशासन इस खेल पर पूरी तरह मौन हैं।
24 घंटे मंडरा रहा है मौत का साया

एकता नगर की इस मुख्य सड़क पर दिन हो या रात, हमेशा एलपीजी (LPG) सिलेंडरों से भरे ये ट्रक अवैध रूप से पार्क रहते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि रात के अंधेरे में या किसी इमरजेंसी के दौरान यहाँ छोटी सी भी आगजनी या दुर्घटना हुई, तो न सिर्फ ये गाड़ियां ब्लास्ट होंगी, बल्कि आसपास की घनी आबादी और बड़ी-बड़ी सोसायटियों का वजूद पल भर में मिट जाएगा।
इसके बावजूद, आरटीओ अधिकारी सतीश राउत और उनके वरिष्ठ अधिकारी आँखें मूंदे बैठे हैं। सवाल यह उठता है कि क्या प्रशासन को यह भारी लापरवाही दिखाई नहीं दे रही, या फिर इस रसूखदार एजेंसी मालिक को किसी ‘ऊपरी वरदहस्त’ का संरक्षण प्राप्त है?
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस जी से सीधे सवाल:
इस प्रशासनिक ढुलमुल रवैए और भ्रष्टाचार के खिलाफ अब जनता की आखिरी उम्मीद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर टिकी है। इस गंभीर मुद्दे पर सीधे सवाल खड़े होते हैं:
- सवाल 1: मुख्यमंत्री जी, कब तक चलेगी पूंजीपतियों की यह मनमानी? क्या एक रसूखदार डीलर के मुनाफे और किराए की बचत के लिए कांदिवली की आम जनता की जान को दांव पर लगाया जा सकता है?
- सवाल 2: ट्रैफिक पुलिस और RTO के लिए यह सिर्फ एक ‘चालान का खेल’ क्यों बना हुआ है? गाड़ी हटाने के बजाय सिर्फ जुर्माना ठोक कर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई कब होगी?
- सवाल 3: एकता नगर की इस मुख्य सड़क को कब आम जनता और सुचारू ट्रैफिक के लिए खाली कराया जाएगा? क्या सरकार किसी बड़े हादसे के होने का इंतजार कर रही है?
चेतावनी भरा संदेश
प्रशासन और संबंधित अधिकारी यह अच्छी तरह समझ लें कि बार-बार आगाह करने के बाद भी यदि इस अवैध गैस अड्डे के कारण एकता नगर में कोई अप्रिय घटना या बड़ा हादसा होता है, तो इसकी पूरी जवाबदेही उन लापरवाह अफसरों की होगी जो शिकायत के बाद भी हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे। अब देखना यह है कि सीएम देवेंद्र फडणवीस जी इस ‘चलते-फिरते मौत के डिपो’ पर कब निर्णायक और कड़ा हंटर चलाते हैं।












