भीटी बाईपास में सैफ चिकन कॉर्नर के पास खुलेआम मादक पदार्थ बेचने का दावा; स्थानीय लोगों ने जांच और कार्रवाई की मांग की
वाराणसी/वशिष्ठ वाणी। रामनगर थाना क्षेत्र के टेंगरा मोड़ (भीटी बाईपास) इलाके में एक दुकान के समीप बेसमेंट से कथित रूप से गांजा बिक्री का मामला सामने आया है। इस संबंध में एक वीडियो भी सामने आने का दावा किया जा रहा है, जिसके आधार पर स्थानीय स्तर पर पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
बताया जा रहा है कि सैफ चिकन कॉर्नर के समीप सीढ़ियों से नीचे उतरकर बेसमेंट में जाली की आड़ में कथित रूप से गांजा बेचे जाने की गतिविधि चल रही है। हालांकि, वायरल वीडियो और लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष पुलिस जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
पुलिस की भूमिका पर उठ रहे सवाल
स्थानीय लोगों और सूत्रों के हवाले से आरोप लगाया जा रहा है कि इलाके में कथित मादक पदार्थों की बिक्री लंबे समय से चल रही है और पुलिस को इसकी जानकारी होने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही। कुछ आरोपों में रामनगर थाने में तैनात रविंद्र सिंह नामक सिपाही की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पुलिसकर्मी का पक्ष इस रिपोर्ट के लिए उपलब्ध नहीं है। किसी पुलिसकर्मी की संलिप्तता अथवा संरक्षण के आरोपों की पुष्टि जांच के आधिकारिक निष्कर्ष के बाद ही मानी जा सकती है।
भांग की दुकान की आड़ में गांजा बिक्री का आरोप
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कथित तौर पर भांग की दुकान की आड़ में गांजा की बिक्री की जा रही है। उनका कहना है कि भीटी बाईपास क्षेत्र में नशे की उपलब्धता युवाओं के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, घटनास्थल से कुछ दूरी पर एक स्कूल भी है और इसी मार्ग से बच्चों का आवागमन होता है। ऐसे में यदि मादक पदार्थों की अवैध बिक्री के आरोप सही पाए जाते हैं तो इसका सामाजिक प्रभाव गंभीर हो सकता है।
वायरल वीडियो की जांच की मांग
मामले को लेकर स्थानीय लोगों ने पुलिस अधिकारियों से सामने आए वीडियो और मौके की गतिविधियों की गंभीरता से जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि केवल छोटी-मोटी कार्रवाई से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा, बल्कि यदि कोई संगठित नेटवर्क सामने आता है तो उसके पूरे तंत्र की जांच आवश्यक है।
लोगों ने यह भी मांग की है कि मादक पदार्थों की बिक्री में किसी व्यक्ति या पुलिसकर्मी की भूमिका पाए जाने पर उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
पुलिस की कार्रवाई पर टिकी नजर
वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस की ओर से अवैध मादक पदार्थों के कारोबार के खिलाफ कार्रवाई की जाती रही है। ऐसे में रामनगर के भीटी बाईपास से सामने आए इन आरोपों ने स्थानीय स्तर पर पुलिस की निगरानी और कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
अब मुख्य सवाल यह है कि सामने आए वीडियो और शिकायतों के आधार पर पुलिस क्या जांच करती है? क्या कथित गांजा बिक्री स्थल की जांच कर वास्तविकता सामने लाई जाएगी? और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो इस कारोबार से जुड़े लोगों के साथ-साथ किसी भी सहयोगी या संरक्षक की भूमिका की भी जांच होगी?
युवाओं को नशे से बचाने के लिए नेटवर्क पर कार्रवाई जरूरी
मादक पदार्थों की बिक्री का मामला केवल कानून-व्यवस्था से जुड़ा विषय नहीं, बल्कि इसका सीधा असर युवाओं और परिवारों पर भी पड़ता है। इसलिए स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि भीटी बाईपास क्षेत्र में गांजा बिक्री के आरोप जांच में सही पाए जाते हैं तो केवल एक-दो लोगों की गिरफ्तारी के बजाय पूरे नेटवर्क की पहचान कर उसके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जानी चाहिए।
फिलहाल भीटी बाईपास स्थित कथित गांजा बिक्री के आरोपों और वायरल वीडियो को लेकर पुलिस की आधिकारिक जांच या कार्रवाई का इंतजार है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और इस मामले में कौन-कौन लोग जिम्मेदार हैं।













