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RTO अधिकारी सतीश राउत की मेहरबानी: अवैध पार्किंग का अड्डा बना कांदिवली वेस्ट का एकता नगर रोड, वरिष्ठ अधिकारी भी मौन!

मुंबई (वशिष्ठ वाणी): कांदिवली वेस्ट का एकता नगर रोड इन दिनों स्थानीय निवासियों और राहगीरों के लिए मुसीबत का सबब बन चुका है। ‘वशिष्ठ वाणी’ पिछले कई महीनों से लगातार ग्राउंड रिपोर्टिंग के जरिए इस सड़क की बदहाली और यहां फल-फूल रहे अवैध पार्किंग के काले कारोबार को उजागर कर रहा है। लेकिन आरटीओ अधिकारी सतीश राउत के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है।

जब से सतीश राउत ने इस क्षेत्र का पद संभाला है, तब से पूरा कांदिवली जैसे अवैध पार्किंग माफियाओं और अनधिकृत वाहनों का सुरक्षित ठिकाना बन गया है।

क्या वरिष्ठ अधिकारियों को मिल रही है ‘मोटी मलाई’?

हैरानी की बात तो यह है कि सतीश राउत जैसे लापरवाह और कर्तव्यहीन अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के बजाय, आरटीओ के तमाम वरिष्ठ अधिकारी भी अपनी आंखें मूंदकर बैठे हैं। पूरे प्रशासनिक महकमे का यह रवैया देखकर अब जनता के बीच यह गंभीर सवाल उठने लगा है कि— क्या इस अवैध पार्किंग के सिंडिकेट से ऊपर तक ‘मोटी मलाई’ पहुंच रही है? आखिर क्यों वरिष्ठ अधिकारी इस खुलेआम चल रही मनमानी पर सतीश राउत को संरक्षण दे रहे हैं?

जनता बेहाल, अधिकारी अपनी जेबें भरने में मस्त!

एकता नगर रोड पर अवैध रूप से खड़े भारी वाहनों और बेतरतीब पार्किंग के कारण रोज घंटों ट्रैफिक जाम लगता है। पैदल चलने वालों के लिए फुटपाथ तक नहीं बचे हैं। आपातकालीन स्थिति में एम्बुलेंस या फायर ब्रिगेड की गाड़ियों का निकलना भी यहां नामुमकिन हो चुका है।

‘वशिष्ठ वाणी’ का सीधा सवाल: > सतीश राउत जी और आरटीओ के माननीय वरिष्ठ अधिकारियों, क्या आपको जनता की परेशानियों से कोई सरोकार नहीं है? आप लोग जिस कुर्सी पर बैठे हैं, वह जनता की सेवा और सुरक्षा के लिए है या फिर अवैध गतिविधियों को बढ़ावा देकर अपनी जेबें गर्म करने के लिए?

अब तो जागिए आरटीओ कमिश्नर साहब!

‘वशिष्ठ वाणी’ आरटीओ के उच्च अधिकारियों और प्रशासन से यह मांग करता है कि एकता नगर रोड की बदहाली का तुरंत संज्ञान लिया जाए। सतीश राउत जैसे अधिकारियों की भूमिका की उच्च स्तरीय जांच हो और कांदिवली वेस्ट को इस अवैध पार्किंग के चंगुल से मुक्त कराया जाए। अगर अब भी कार्रवाई नहीं हुई, तो यह साफ हो जाएगा कि इस पूरे खेल में ऊपर से नीचे तक सब मिले हुए हैं।

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