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मालाड पश्चिम में कथित अवैध निर्माणों पर सम्राट बागुल का प्रहार: पी/ पश्चिम ईमारत एव कारखाना विभाग भ्रष्टाचार एव अवैध निर्माण का अड्डा ?

शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का आरोप; पी/पश्चिम विभाग के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल

मुंबई/वशिष्ठ वाणी: मालाड (पश्चिम) के पी/पश्चिम विभाग की सीमा में कथित तौर पर बड़े पैमाने पर अनधिकृत निर्माण कार्य जारी होने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। शिकायतें किए जाने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने को लेकर पी/पश्चिम विभाग के सहायक आयुक्त कुंदन वळवी तथा इमारत एवं कारखाने विभाग के सहायक अभियंता विजय मानकर की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

शिकायतकर्ता एवं शिव सम्राट फाउंडेशन के अध्यक्ष तथा समाजसेवक सम्राट बागुल का आरोप है कि मालाड (पश्चिम) के प्रभाग क्रमांक 34, 35, 46 और 47 में कई स्थानों पर अनधिकृत निर्माण, बढ़ी हुई संरचनाएं तथा अतिक्रमण किए जाने की शिकायतें संबंधित विभाग को दी गई हैं। इसके बावजूद लगभग 3 महीने बीत जाने के बाद भी ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

इन स्थानों पर अनधिकृत निर्माण के आरोप

सम्राट बागुल द्वारा संबंधित अधिकारियों के समक्ष निम्नलिखित मामलों की शिकायत किए जाने का दावा किया गया है—


तुलसी शॉपिंग सेंटर, वार्ड 46:
इमारत के ऊपर कथित रूप से 3 कमरों का अनधिकृत निर्माण किए जाने का आरोप।


कृष्णकुंज वाडी, वार्ड 46:
चॉल में कथित रूप से पहली मंजिल का अनधिकृत निर्माण किए जाने का आरोप।


मालवणी पोस्ट ऑफिस के सामने, वार्ड 34:
खाली जगह पर कथित रूप से अनधिकृत कमरों का निर्माण किए जाने का आरोप।


ओर्लम सेंट टेरेसा स्कूल के ऊपर, वार्ड 35:
कथित रूप से अनधिकृत कमरों का निर्माण किए जाने की शिकायत।


आदर्श दुग्धालय मार्ग, वार्ड 35:
बंगले के कथित नवीनीकरण एवं अतिरिक्त निर्माण का मामला।


प्लेजेंट पार्क इमारत, वार्ड 47:
इमारत की खुली जगह में कथित रूप से अनधिकृत होटल का अतिक्रमण किए जाने का आरोप।


ऑरा होटल के प्रवेशद्वार के पास, वार्ड 47:
शेड डालकर अंदर स्थित बैंक्वेट हॉल में कथित रूप से नवीनीकरण एवं अतिरिक्त काम किए जाने की शिकायत।


अधिकारियों पर संरक्षण देने का आरोप

सम्राट बागुल का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद यदि निर्माण कार्य जारी रहते हैं तो इससे संबंधित विभाग की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े होते हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया है कि क्या कुछ अधिकारी और संबंधित ठेकेदारों के बीच मिलीभगत के कारण कार्रवाई टाली जा रही है?

हालांकि, अधिकारियों या संबंधित व्यक्तियों पर लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी आवश्यक है। संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

सरकारी राजस्व को नुकसान होने का भी दावा

शिकायतकर्ता का कहना है कि नियोजन एवं निर्माण नियमों का उल्लंघन कर किए जा रहे कथित अतिरिक्त निर्माणों के कारण सरकारी राजस्व को भी नुकसान हो सकता है। उनका आरोप है कि कुछ निर्माण नियोजन की निर्धारित सीमा से बाहर जाकर किए जा रहे हैं और संबंधित विभाग को इसकी जानकारी दिए जाने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही।

भविष्य में दुर्घटना की आशंका

सम्राट बागुल ने कथित अनधिकृत एवं कमजोर निर्माणों को लेकर सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया है। उनका कहना है कि यदि ऐसे निर्माणों की समय रहते जांच नहीं की गई और प्राकृतिक आपदा अथवा भारी बारिश जैसी स्थिति उत्पन्न हुई, तो जान-माल का बड़ा नुकसान हो सकता है।

उन्होंने मालवणी में वर्ष 2021 में हुए मकान हादसे का उल्लेख करते हुए प्रशासन से मांग की है कि संवेदनशील और संदिग्ध निर्माणों की तत्काल तकनीकी जांच कराई जाए तथा जहां नियमों का उल्लंघन पाया जाए, वहां कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।

आयुक्त से लेकर विभागीय अधिकारियों तक शिकायत

सम्राट बागुल के अनुसार उन्होंने इस मामले को लेकर मुंबई महानगरपालिका आयुक्त अश्विनी भिडे, सह आयुक्त परिमंडल 4 भाग्यश्री कापसे, पी/पश्चिम विभाग के सहायक आयुक्त कुंदन वळवी तथा इमारत एवं कारखाने विभाग के सहायक अभियंता विजय मानकर सहित संबंधित अधिकारियों को बार-बार शिकायतें दी हैं।

उनका कहना है कि शिकायतों के बावजूद लगभग 3 महीने बीत चुके हैं, लेकिन संबंधित निर्माणों पर अभी तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।

नोटिस और आपराधिक कार्रवाई कब?

सम्राट बागुल ने सवाल उठाया है कि यदि निर्माण वास्तव में अनधिकृत पाए जाते हैं, तो मुंबई महानगरपालिका अधिनियम, 1888 तथा महाराष्ट्र प्रादेशिक एवं नगर रचना अधिनियम, 1966 के तहत नियमानुसार नोटिस एवं आगे की कानूनी कार्रवाई कब की जाएगी?

उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि सभी शिकायतों की निष्पक्ष जांच की जाए, संबंधित निर्माणों की अनुमति एवं मंजूर नक्शों की जांच की जाए और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।

कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी

सम्राट बागुल ने चेतावनी दी है कि यदि संबंधित अनधिकृत निर्माणों के खिलाफ जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो शिव सम्राट फाउंडेशन की ओर से निषेध आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि किसी भी संभावित दुर्घटना से पहले शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए तत्काल स्थल निरीक्षण, दस्तावेजों की जांच और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए।

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