Sunday, January 18, 2026
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राष्ट्रीय लोक अदालत 13 दिसंबर को: जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने निकाली जागरूकता रैली

  • राजेश गुप्ता की रिपोर्ट

मऊ/वशिष्ठ वाणी: राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली के निर्देशानुसार 13 दिसंबर 2025 को मऊ जिले में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन और आम जनता को इसके बारे में जागरूक करने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने विशेष रैली का आयोजन किया।

रैली का नेतृत्व अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, श्री बाकर शमीम रिजवी ने किया। उन्होंने एडीआर भवन, दीवानी न्यायालय परिसर से रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली में पराविधिक स्वयंसेवकों ने आमजन को लोक अदालत के महत्व, लाभ और प्रक्रिया की जानकारी दी।


लोक अदालत का उद्देश्य और लाभ

राष्ट्रीय लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य साधारण नागरिकों तक न्याय की पहुँच को सरल, त्वरित और सुलभ बनाना है। इसके अंतर्गत—

  • लंबित छोटे एवं लघु प्रकृति के आपराधिक वादों का निस्तारण
  • विशेष लोक अदालतों द्वारा न्याय प्रक्रिया का त्वरित और बिना अतिरिक्त खर्च के समाधान
  • न्यायालय की लंबित कार्यवाही के कारण आमजन को होने वाली परेशानी और समय की बचत

जिला अधिकारी रिजवी ने आमजन से विशेष अपील की कि वे—

  • 11 और 12 दिसंबर 2025 को आयोजित होने वाली विशेष लोक अदालत का लाभ अवश्य लें।
  • 13 दिसंबर 2025 को होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में अपने लंबित वादों का निस्तारण कराएं और इस अवसर का पूरा लाभ उठाएं।

रैली और जागरूकता अभियान

रैली में पराविधिक स्वयंसेवकों ने नागरिकों को लोक अदालत के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने जनता को समझाया कि यह पहल न्यायिक प्रक्रिया को पारदर्शी और सरल बनाती है, जिससे छोटे-मोटे वादों में भी आम नागरिक आसानी से न्याय प्राप्त कर सकते हैं।

रिजवी ने कहा, “लोक अदालत का उद्देश्य आमजन तक न्याय पहुंचाना है। हम चाहते हैं कि हर नागरिक अपने लंबित वादों का निपटारा कर सके और न्याय प्रक्रिया में भाग ले सके। यह अभियान न्याय की पहुंच को और मजबूत बनाएगा।”


जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की भूमिका

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मऊ, लगातार न्याय की पहुँच और जागरूकता को बढ़ाने के लिए विभिन्न कार्यक्रम चला रहा है। इस रैली के माध्यम से आमजन को न केवल राष्ट्रीय लोक अदालत की जानकारी दी गई, बल्कि उन्हें यह भी बताया गया कि न्याय प्रक्रिया अब त्वरित, आसान और बिना खर्च के उपलब्ध है।

यह पहल डिजिटल और आधुनिक न्याय प्रणाली की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जो डिस्प्यूट्स का त्वरित निपटान और न्याय व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करेगी।

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