कांदिवली (एकता नगर): मुंबई के कांदिवली वेस्ट स्थित एकता नगर रोड इन दिनों एक ‘टिकिंग टाइम बम’ की तरह नजर आ रहा है। रिहायशी इलाका होने के बावजूद, यहाँ की मुख्य सड़क पर भारत गैस के सिलेंडरों से लदे ट्रकों की लंबी कतारों ने जनता की रातों की नींद उड़ा दी है। सुरक्षा नियमों को ताक पर रखकर सड़क को ही अवैध ‘गैस गोदाम’ बना दिया गया है।
सत्ता के नशे में चूर प्रशासन, जनता की जान की किसे परवाह?
‘वशिष्ठ वाणी’ ने जब जमीनी हकीकत देखी, तो स्थिति भयावह पाई गई। घनी आबादी वाले इस क्षेत्र में, जहाँ सैकड़ों परिवार और छोटे बच्चे रहते हैं, वहाँ ज्वलनशील गैस से भरी गाड़ियों का इस तरह खड़ा होना किसी बड़ी त्रासदी को खुला निमंत्रण है।
अखबार सीधे सवाल करता है:

क्या मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस जी और स्थानीय अधिकारियों को जनता की सुरक्षा से कोई सरोकार नहीं है?
क्या अधिकारी केवल अपनी ‘पावर’ दिखाने में व्यस्त हैं और आम आदमी की जान की कोई कीमत नहीं रह गई?
भारत गैस जैसे बड़े ब्रांड को रिहायशी सड़क पर कब्जा करने की इजाजत आखिर किसने दी?
हादसा हुआ तो जिम्मेदार कौन?
स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद प्रशासन के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही। अगर यहाँ कोई छोटी सी चिंगारी भी उठी, तो पूरा एकता नगर पल भर में राख के ढेर में तब्दील हो सकता है। क्या सरकार किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रही है?
“हम यहाँ हर पल डर के साये में जी रहे हैं। सड़क पर चलना मुश्किल है और हमेशा डर लगा रहता है कि कहीं कोई बड़ा धमाका न हो जाए। प्रशासन को सिर्फ अपनी सत्ता की चिंता है, हमारी जान की नहीं!” — एक आक्रोशित निवासी।
‘वशिष्ठ वाणी’ की चेतावनी
हम प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को सख्त चेतावनी देते हैं कि इन असुरक्षित वाहनों को तुरंत यहाँ से हटाया जाए। जनता की जान से खिलवाड़ बंद करें, वरना यह जनता का गुस्सा आने वाले समय में प्रशासन और सरकार पर भारी पड़ेगा।











