जनकल्याण नगर (मलाड वेस्ट) में नियम ताक पर, आधी रात को भारी निर्माण कार्य; तीन बार कॉल के बाद भी नहीं पहुंची पुलिस।
मुंबई | विशेष संवाददाता
देश की सबसे हाई-टेक मानी जाने वाली मुंबई पुलिस की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मलाड वेस्ट के जनकल्याण नगर में बीती रात जो हुआ, उसने यह साबित कर दिया है कि आम नागरिक की नींद और सुरक्षा से ज्यादा अहम शायद ‘बिल्डर लॉबी’ का काम है।
तीन कॉल, तीन आश्वासन… पर नतीजा सिफर
रात के सन्नाटे में जब पूरी मुंबई सो रही थी, तब जनकल्याण नगर के निवासी भारी मशीनों और निर्माण कार्य के शोर से जूझ रहे थे। DOTOM बिल्डर द्वारा देर रात 3:00 बजे के बाद भी धड़ल्ले से निर्माण कार्य जारी था।

हैरानी की बात यह है कि रात 3:18 बजे पुलिस हेल्पलाइन 100 पर पहली शिकायत दर्ज कराई गई। जवाब मिला— “गाड़ी भेजी जा रही है।” लेकिन जब 15 मिनट तक कोई नहीं आया, तो 3:30 बजे और फिर 3:40 बजे दोबारा कॉल किया गया। हर बार वही रटा-रटाया जवाब मिला, लेकिन मौके पर एक भी पुलिसकर्मी नहीं पहुंचा।

एक छोटा सा बॉक्स बनाएं जिसमें “पुलिस की टाइमलाइन” लिखी हो (3:18 AM, 3:42 AM, 4:03 AM) ताकि लापरवाही साफ दिखे
बड़ा सवाल: पुलिस की बेरुखी या मिलीभगत?
रातभर शोर मचता रहा, कानून की धज्जियां उड़ती रहीं, लेकिन कानून के रखवाले नदारद रहे। इस घटना ने मुंबई पुलिस को कठघरे में खड़ा कर दिया है:
- क्या ‘डायल 100’ की तत्परता सिर्फ कागजों तक सीमित है?
- बिल्डर को रात के अंधेरे में भारी मशीनें चलाने की अनुमति किसने दी?
- क्या स्थानीय पुलिस स्टेशन और बिल्डर के बीच कोई ‘मौन समझौता’ है?
सोशल मीडिया पर भी सिर्फ खानापूर्ति
पीड़ित पक्ष ने जब सोशल मीडिया के जरिए मुंबई पुलिस को टैग किया, तो वहां भी डिजिटल जवाब तो मिला कि “संबंधित पुलिस स्टेशन को सूचित कर दिया गया है”, लेकिन जमीनी स्तर पर 24 घंटे बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
जनता का भरोसा टूट रहा है
स्थानीय निवासियों का कहना है कि अगर पुलिस इमरजेंसी नंबर पर कॉल करने के बावजूद घंटों तक रिस्पॉन्स नहीं मिलता, तो फिर आम आदमी अपनी सुरक्षा के लिए किसके पास जाए? यह मामला सिर्फ ध्वनि प्रदूषण का नहीं, बल्कि पुलिस की जवाबदेही और ‘क्विक रिस्पॉन्स’ के दावों की पोल खोलने वाला है।
अब देखना यह है कि क्या वरिष्ठ अधिकारी इस ‘लापरवाही’ पर कोई संज्ञान लेते हैं या फिर बिल्डर का काम इसी तरह नियमों को कुचलता रहेगा।










