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मालाड वार्ड 35: बीजेपी का किला, फिर भी ‘कर्सन’ माफिया का राज? एक साल से बीएमसी के नोटिस को दिखा रहा ठेंगा!

मुंबई (वशिष्ठ वाणी): प्रधानमंत्री के ‘जीरो टॉलरेंस’ और भ्रष्टाचार मुक्त भारत के दावों के बीच, मुंबई का मालाड (वार्ड 35) एक अलग ही कहानी बयां कर रहा है। यहाँ भदरण नगर, रोड नंबर 1 (रेलवे ट्रैक के पास), कोयला वाला गली में धड़ल्ले से चल रहा अवैध निर्माण शासन और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कालिख पोत रहा है।

सत्ता की त्रिवेणी, फिर भी माफिया भारी

हैरानी की बात यह है कि इस क्षेत्र में नगरसेवक बीजेपी का है, सांसद (पीयूष गोयल) बीजेपी के हैं और बीएमसी की कमान भी बीजेपी समर्थित रही है। इसके बावजूद, कर्सन नामक एक कथित भू-माफिया के आगे पूरा सरकारी तंत्र नतमस्तक नजर आ रहा है। स्थानीय लोगों का सवाल है कि क्या पीयूष गोयल जैसे कद्दावर नेता के आने के बाद भी मालाड में माफियाओं का ही बोलबाला रहेगा?


एक साल से नोटिस सिर्फ कागजों पर!

  • रिकॉर्ड के अनुसार, 21 मई 2025 को बीएमसी (BMC) ने कर्सन को अवैध निर्माण रोकने का नोटिस जारी किया था। आज 12 अप्रैल 2026 हो चुकी है। लगभग एक साल बीत जाने के बाद भी न तो निर्माण कार्य रुका है और न ही बीएमसी ने उस पर बुलडोजर चलाने की हिम्मत दिखाई है।

शिकायतकर्ता पर हमला: कानून का डर खत्म?

  • इस मामले में सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि जब जिग्नेश परमार नामक जागरूक नागरिक ने इस भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई, तो उस पर हमला कर दिया गया। ‘वशिष्ठ वाणी’ द्वारा इसकी सूचना बीएमसी कमिश्नर से लेकर सांसद कार्यालय तक दी गई है, लेकिन अभी तक कोई ठोस एक्शन नहीं होना प्रशासन की मिलीभगत की ओर इशारा करता है।

जनता के चुभते सवाल:

  • क्या वार्ड 35 के बीजेपी नगरसेवक और भू-माफिया कर्सन के बीच कोई गुप्त समझौता है?
  • नोटिस जारी होने के 326 दिन बाद भी बीएमसी का दस्ता मौके पर क्यों नहीं पहुंचा?
  • क्या सत्ताधारी दल के नेताओं का संरक्षण ही इस अवैध निर्माण की असली ढाल है?

निष्कर्ष:

मालाड की जनता अब केवल आश्वासनों से संतुष्ट नहीं होने वाली। यदि जल्द ही इस ‘कोयला वाला गली’ के अवैध निर्माण पर हथौड़ा नहीं चला, तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि यहाँ कानून का नहीं, बल्कि रसूखदार माफियाओं का राज चलता है।

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