मुंबई, 12 दिसंबर 2025 कांदिवली ट्रैफिक डिवीजन में तैनात वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सतीश राउत पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। मीडिया कर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार, अवैध पार्किंग की शिकायतों को नज़रअंदाज़ करने और कथित रूप से कुछ व्यक्तियों को संरक्षण देने के आरोपों ने पुलिस विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अवैध पार्किंग से जुड़ा विवाद बना वजह
मालाड (पश्चिम) के सामना नगर, मालवाणी गेट नंबर 8 के पास MHADA की जमीन पर लंबे समय से अवैध पार्किंग संचालित हो रही है, जिसे डॉ. अब्दुल कलाम संस्था फेडरेशन के अध्यक्ष और सचिव द्वारा चलाया जा रहा बताया जाता है।
सूत्रों के मुताबिक:
- यहां पहले पार्किंग के नाम पर अवैध वसूली भी की जाती थी।
- MHADA के नोटिस के बाद वसूली तो बंद हुई, लेकिन अवैध पार्किंग आज भी जारी है।
- अवैध रूप से खड़े वाहनों के कारण फायर ब्रिगेड वाहनों की आवाजाही बाधित होती है।
- इस खतरे को देखते हुए फायर ब्रिगेड विभाग ने भी लिखित शिकायत जारी की है।
पत्रकार से कथित अभद्रता का आरोप
राष्ट्रीय दैनिक समाचार पत्र “वशिष्ठ वाणी” द्वारा अवैध पार्किंग और ट्रैफिक पुलिस की निष्क्रियता पर समाचार प्रकाशित किए जाने के बाद, वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सतीश राउत ने संबंधित पत्रकार को व्हाट्सएप पर कथित तौर पर:
- अभद्र भाषा का प्रयोग किया
- “तू-तड़ाक” जैसी असम्मानजनक भाषा का उपयोग किया
पत्रकारों के अनुसार, यह व्यवहार पुलिस पद की गरिमा और कानून व्यवस्था के मानकों के विपरीत है।
कार्रवाई रोकने और पक्षपात के आरोप
स्थानीय नागरिकों और मीडिया प्रतिनिधियों का आरोप है कि:
- सतीश राउत ने MHADA अधिकारियों से “किसी कहानी” के आधार पर कार्रवाई रुकवाई
- अवैध पार्किंग चलाने वालों को कथित संरक्षण प्रदान किया
- शिकायतों को गंभीरता से लेने के बजाय मीडिया को निशाना बनाया
यह आरोप जनता के बीच असंतोष और विभागीय पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं।
मीडिया हाउस की चेतावनी
वशिष्ठ वाणी मीडिया हाउस ने कहा:
“यदि अधिकारी के व्यवहार में सुधार नहीं हुआ और अवैध पार्किंग के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई,
तो उनके खिलाफ न्यायालय में अवमानना सहित अन्य कानूनी कार्यवाही की जाएगी।”
जांच और कार्रवाई की मांग
स्थानीय नागरिकों ने कांदिवली ट्रैफिक डिवीजन के एसीपी से:
- पूरे मामले की निष्पक्ष जांच
- दोषी अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई
- अवैध पार्किंग पर तत्काल रोक
की मांग की है।
नागरिकों का कहना है कि जब जनता की सुरक्षा के लिए तैनात अधिकारी ही अभद्रता और पक्षपात का प्रदर्शन करेंगे, तो आम जनता न्याय और सुरक्षा के लिए कहां जाएगी?
(रिपोर्ट: वशिष्ठ वाणी संवाददाता)
(सभी आरोप संबंधित जांच के अधीन हैं। अधिकारियों से प्रतिक्रिया प्राप्त होने पर रिपोर्ट अपडेट की जाएगी।)


