नई दिल्ली: देश की आर्थिक गतिविधियों में स्थिरता और कारोबार में मजबूती का संकेत देते हुए फरवरी 2026 में भारत का सकल वस्तु एवं सेवा कर (GST) संग्रह सालाना आधार पर 8.1% बढ़कर 1.83 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
सरकार द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस वृद्धि में घरेलू लेन-देन और आयात—दोनों का अहम योगदान रहा।
घरेलू कारोबार से स्थिर बढ़ोतरी
फरवरी महीने में घरेलू लेन-देन से प्राप्त GST राजस्व में 5.3% की वृद्धि दर्ज की गई, जिससे कुल संग्रह लगभग 1.36 लाख करोड़ रुपये रहा।
आयात से राजस्व में तेज उछाल
वहीं, आयात से मिलने वाले कर राजस्व में उल्लेखनीय 17.2% की बढ़ोतरी हुई और यह बढ़कर 47,837 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। यह वैश्विक व्यापार गतिविधियों में मजबूती और आयात मांग में वृद्धि को दर्शाता है।
रिफंड के बाद भी मजबूत स्थिति
फरवरी में कुल 22,595 करोड़ रुपये के रिफंड जारी किए गए, जो पिछले वर्ष की तुलना में 10.2% अधिक हैं।
रिफंड के बाद शुद्ध GST राजस्व 1.61 लाख करोड़ रुपये रहा, जो सालाना आधार पर 7.9% की वृद्धि को दर्शाता है।
वित्त वर्ष में अब तक का प्रदर्शन
वित्त वर्ष 2025-26 के पहले 11 महीनों (अप्रैल 2025 – फरवरी 2026) के दौरान:
➡️ कुल सकल GST संग्रह: 20.27 लाख करोड़ रुपये
➡️ सालाना वृद्धि: 8.3%
हालांकि उपकर (Cess) राजस्व में कुछ गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन समग्र रूप से ये आंकड़े देश में:
✔️ आर्थिक गतिविधियों की मजबूती
✔️ व्यापार में स्थिरता
✔️ बेहतर कर अनुपालन
को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं।














