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मालाड में धूल प्रदूषण का बड़ा मुद्दा: जयमाला सदन सोसायटी और बिल्डर पर लगे नियम उल्लंघन के आरोप

मुंबई | वशिष्ठ वाणी | मालाड (पश्चिम) से रिपोर्ट

मुंबई के Mumbai के मालाड (पश्चिम) स्थित नेवी कॉलोनी में एक बार फिर निर्माण कार्य को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। जयमाला सदन को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी और डेवलपर स्वानंद बिल्डर के खिलाफ सामाजिक कार्यकता सम्राट बागुल ने गंभीर आरोप लगाते हुए नगर निगम से सख्त कार्रवाई की मांग की है।

सोसायटी के अनुसार, नेवी कॉलोनी, प्लॉट नंबर 7 (शहरी सर्वेक्षण क्रमांक 756/सी), नेहरू खेल मैदान के पास स्थित इमारत का पुनर्विकास कार्य जारी है, लेकिन इस दौरान बृहन्मुंबई महानगरपालिका (मनपा) आयुक्त द्वारा जारी 28 दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा है।

सामाजिक कार्यकर्ता सम्राट बागुल ने आरोप लगाया है कि निर्माण स्थल पर धूल प्रदूषण रोकने के लिए आवश्यक उपाय नहीं किए गए हैं। नियमों के अनुसार, साइट पर वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) बोर्ड लगाना अनिवार्य है, लेकिन यह बोर्ड कार्यरत नहीं है। साथ ही, स्मॉग गन मशीनों और पानी के छिड़काव जैसे उपाय भी नहीं अपनाए जा रहे हैं।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि निर्माण कार्य के कारण क्षेत्र में धूल का स्तर काफी बढ़ गया है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इस स्थिति को देखते हुए सम्राट बागुल ने “धूल मुक्त मालाड” अभियान शुरू करने का संकल्प लिया है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मनपा के पी/उत्तर विभाग के कुछ अधिकारी डेवलपर के साथ मिलकर नियमों की अनदेखी कर रहे हैं, जिससे आम नागरिकों की सुरक्षा खतरे में पड़ रही है।

इस मामले को लेकर सम्राट बागुल ने राज्य सरकार, पर्यावरण विभाग और पी/उत्तर विभाग के सहायक आयुक्त कुंदन वलवी को लिखित शिकायत भेजी है। शिकायत में मांग की गई है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले डेवलपर के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाए और निर्माण कार्य को तत्काल प्रभाव से रोका जाए।

मांगें प्रमुख रूप से:

  • AQI बोर्ड को तुरंत चालू किया जाए
  • धूल नियंत्रण के लिए स्मॉग गन और पानी छिड़काव अनिवार्य किया जाए
  • नियमों का पालन न करने पर निर्माण कार्य रोका जाए
  • जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई हो

अब देखना यह होगा कि मनपा प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और स्थानीय नागरिकों को राहत मिलती है या नहीं।

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