World News: मध्य पूर्व में तनाव अब खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिका और इज़राइल ने ईरान के खिलाफ संयुक्त रूप से बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान शुरू कर दिया है। अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने इस कार्रवाई को “मेजर कॉम्बैट ऑपरेशन्स” बताते हुए साफ कहा है कि यह हमला ईरान के परमाणु कार्यक्रम, मिसाइल ठिकानों और नौसैनिक क्षमताओं को पूरी तरह खत्म करने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
ऑपरेशन को दिए गए कोड नाम
सूत्रों के अनुसार
- अमेरिका ने इस अभियान को “Operation Epic Fury” नाम दिया है
- जबकि इज़राइल ने इसे “Roaring Lion” नाम दिया है
बताया जा रहा है कि यह सैन्य अभियान कई दिनों तक जारी रह सकता है।
ट्रंप की सख्त चेतावनी
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा:
“ईरान कभी परमाणु हथियार नहीं बना पाएगा। अमेरिका और उसके सहयोगियों की सुरक्षा के लिए यह कदम जरूरी है।”
उन्होंने ईरान की जनता से अपनी सरकार के खिलाफ उठ खड़े होने और बदलाव लाने की अपील भी की।
ईरान की जवाबी कार्रवाई शुरू
हमले के तुरंत बाद ईरान ने जवाबी कदम उठाते हुए खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक,
ईरान ने मिसाइल हमले किए हैं:
- कतर
- कुवैत
- बहरीन
- संयुक्त अरब अमीरात
राजधानी तेहरान समेत कई शहरों में जोरदार धमाकों की खबरें सामने आई हैं, जहां से धुएं और आग के गुबार उठते देखे गए।
वैश्विक तनाव चरम पर
इस घटनाक्रम के बाद पूरा खाड़ी क्षेत्र हाई अलर्ट पर है। तेल उत्पादक देशों में चिंता बढ़ गई है और वैश्विक बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल की आशंका जताई जा रही है।
भारत ने भी स्थिति को गंभीर मानते हुए अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। फिलिस्तीन क्षेत्र में मौजूद भारतीयों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा गया है।
दुनिया की नजर अब आगे की स्थिति पर
मध्य पूर्व में तेजी से बदलते हालात ने वैश्विक सुरक्षा और अर्थव्यवस्था दोनों को प्रभावित करने की आशंका बढ़ा दी है। अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि यह सैन्य टकराव आगे किस दिशा में जाता है।














