Lucknow News: समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X पर एक पत्रकार का वीडियो साझा करते हुए पत्रकारिता की भूमिका और ज़िम्मेदारी को लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि वे पत्रकार, जो ज़मीनी समझ और सतह के नीचे छिपी बातों को सामने लाने के लिए पहचाने जाते हैं, उनकी पत्रकारिता सराहनीय है।
अखिलेश यादव ने उम्मीद जताई कि ऐसे पत्रकार केवल अंदरूनी मुद्दे ही नहीं, बल्कि वे मामले भी उजागर करें जो सबके सामने, सरेआम और दिनदहाड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को बिना डर के इन विषयों पर रील्स, स्टोरी और प्रोग्राम करने चाहिए, ताकि उनकी ईमानदार पत्रकारिता समाज के शोषित और वंचित वर्ग के साथ खड़ी दिखे और भ्रष्टाचार में लिप्त पत्रकारों से अलग दिखाई दे।
अखिलेश यादव ने कई मुद्दों को सूचीबद्ध किया, जिन पर उन्होंने कहा कि सरेआम होते हुए भी पत्रकारिता में इन्हें वो जगह नहीं मिल पा रही, जितनी मिलनी चाहिए।
अखिलेश यादव द्वारा उठाए गए प्रमुख मुद्दे:
- फ़र्ज़ी मुठभेड़ / फ़ेक एनकाउंटर
- बुलडोज़र कार्रवाई में नाइंसाफ़ी
- ज़मीनों पर अवैध कब्ज़े
- अवैध खनन और वन कटाई
- सरकारी कामों में बढ़ता भ्रष्टाचार
- हिरासत में मौतों के मामलों में जवाबदेही
- निवेश/प्रोजेक्ट में कमीशन की मांग
- थानों में अवैध वसूली के आरोप
- सरकारी दावों और प्रचार की सच्चाई
- संविधान के कमजोर होने की आशंकाएँ
- आरक्षण को प्रभावित करने की कोशिशें
- भर्ती और नौकरी व्यवस्था पर संकट
- खुलेआम साम्प्रदायिक भाषणबाज़ी
- चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताएँ
- पैसे बांटकर चुनाव लड़ने के आरोप
- पीडीए की कार्यवाही पर बढ़ती शिकायतें
अखिलेश की अपील:
“जनहित में खड़े हों, सत्ता नहीं—सच्चाई दिखाएं”
अखिलेश यादव ने कहा कि पत्रकारों का दायित्व जनता के पक्ष में खड़ा होना है। उन्होंने यह भी कहा कि डर और दबाव से परे रहकर पत्रकारिता तभी सार्थक होगी, जब वह सत्ता के बजाय जनहित के मुद्दों को तरजीह दे।


