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वशिष्ठ वाणी का सीधा सवाल: Kandivali Link Road पर ‘अवैध कब्जा’ क्या RTO सतीश राउत के संरक्षण में फल-फूल रहा है?

मुंबई: कांदिवली लिंक रोड पर आम जनता का चलना दूभर हो चुका है। ‘वशिष्ठ वाणी’ ने बार-बार सबूतों के साथ यह खुलासा किया है कि पूरा लिंक रोड अवैध पार्किंग और अतिक्रमण की चपेट में है, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। सवाल यह है कि आखिर इस अतिक्रमण के पीछे किसका हाथ है, जो कांदिवली ट्रैफिक विभाग के वरिष्ठ अधिकारी सतीश राउत को कार्रवाई करने से रोक रहा है?

प्रशासन की चुप्पी—एक बड़ा रहस्य?

‘वशिष्ठ वाणी’ ने अपनी ग्राउंड रिपोर्टिंग में बार-बार दिखाया है कि कैसे कांदिवली लिंक रोड की सड़कों पर गाड़ियाँ अवैध रूप से पार्क की जा रही हैं।

  • अधिकारों का उल्लंघन: सड़क पर कब्जा करने वाले बेखौफ हैं क्योंकि उन्हें पता है कि ऊपर से कोई कार्रवाई नहीं होने वाली।
  • अधिकारियों की विफलता: वरिष्ठ अधिकारी सतीश राउत की ओर से कोई ठोस कदम न उठाया जाना, इस बात का संकेत है कि या तो यहाँ कोई बड़ा गठजोड़ (Setting) है या फिर प्रशासन जनता की परेशानी के प्रति पूरी तरह असंवेदनशील हो चुका है।

वशिष्ठ वाणी की चेतावनी: अब आर-पार की लड़ाई

जब मीडिया बार-बार सबूत दे रहा है, तस्वीरें दिखा रहा है, और जनता शिकायत कर रही है, फिर भी एक भी अवैध वाहन नहीं हटाया जाना—यह ‘मिलीभगत’ की ओर इशारा करता है।

‘वशिष्ठ वाणी’ का स्पष्ट संदेश है:

  1. जवाबदेही: सतीश राउत जी, जनता को यह जानने का हक है कि लिंक रोड पर अतिक्रमण हटाने में आपकी क्या बाधा है?
  2. कार्यवाही या इस्तीफा: यदि कानून का राज लागू नहीं हो सकता, तो क्या यह पद आपके लिए सिर्फ एक कुर्सी है?
  3. उच्च स्तरीय शिकायत: ‘वशिष्ठ वाणी’ अब इस मामले को केवल रिपोर्ट तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि इसे सीधे पुलिस कमिश्नर और संबंधित विभाग के आला अधिकारियों के पास ले जाएगी।

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“नोट: इस मामले में वशिष्ठ वाणी ने अब कानूनी RTI प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब जवाब सिर्फ कागजों पर नहीं, ज़मीन पर दिखना चाहिए।”

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