मुंबई (वशिष्ठ वाणी): कांदिवली वेस्ट के एकता नगर रोड पर सुरक्षा नियमों की धज्जियां उड़ाकर बनाया गया भारत गैस एजेंसी का ‘अवैध पहिया गोदाम’ यहाँ रहने वाले 20 से 25 हजार नागरिकों की जान के लिए सीधा खतरा बन चुका है। ‘वशिष्ठ वाणी’ लंबे समय से इस गंभीर मुद्दे को उठा रहा है, लेकिन प्रशासन किसी बड़े मणिकर्णिका जैसे हादसे का इंतजार कर रहा है।
अब ‘वशिष्ठ वाणी’ सीधे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मांग करता है कि इस ‘टाइम बम’ को आवासीय इलाके से तुरंत हटाया जाए।
24 घंटे पार्किंग की अनुमति मंत्रालय ने दी? ट्रैफिक अधिकारी सतीश राउत का अजीबोगरीब दावा!

जब इस जानलेवा अवैध पार्किंग को लेकर कांदिवली ट्रैफिक विभाग के अधिकारी सतीश राउत से सवाल किया गया, तो उन्होंने कार्रवाई करने के बजाय एक बेहद चौंकाने वाला और गैर-जिम्मेदाराना बहाना बना दिया। अधिकारी सतीश राउत का दावा है कि— “इन गाड़ियों को यहाँ खड़े रहने की अनुमति सीधे मंत्रालय (Mantralaya) से मिली है।”
> ‘वशिष्ठ वाणी’ की सीधी चुनौती: > सतीश राउत जी, ‘वशिष्ठ वाणी’ को और कांदिवली की जनता को यह मूर्खतापूर्ण दावा गले नहीं उतरता। क्या मंत्रालय घनी आबादी वाले आवासीय क्षेत्र में, जहाँ 25 हजार लोग रहते हैं, मुख्य सड़क पर भारत गैस की 14 गाड़ियों को 24 घंटे अवैध रूप से खड़ी करने की अनुमति दे सकता है? क्या मंत्रालय जनता की मौत के वारंट पर दस्तखत करेगा? या फिर यह अपनी नाकामी और मिलीभगत को छुपाने के लिए मंत्रालय के नाम का इस्तेमाल किया जा रहा है?
25 हजार लोगों की जान से खिलवाड़: समय रहते कदम उठाइए फडणवीस जी!
एकता नगर रोड पर एक के बाद एक लाइन से खड़ी ये 14 गैस गाड़ियां किसी बड़े नरसंहार को न्योता दे रही हैं। यदि इनमें से एक भी गाड़ी में कोई दुर्घटना या शॉर्ट सर्किट से आग लगती है, तो आसपास की सोसायटियों में रहने वाले हजारों लोग इसकी चपेट में आ जाएंगे।
- सीएम साहब, सिर्फ जांच कमेटी मत बैठाइए: ‘वशिष्ठ वाणी’ मुख्यमंत्री जी से अपील करता है कि किसी बड़ी घटना के घटित होने के बाद केवल ‘जांच’ बिठाने और मुआवजा बांटने से उन परिवारों का नुकसान पूरा नहीं होगा जो अपनी जान गंवा देंगे।
- समय रहते एक्शन जरूरी: जिस जनता ने आपको चुनकर सत्ता सौंपी है, आज उसकी सुरक्षा खतरे में है। इस गैस एजेंसी के रसूख और स्थानीय ट्रैफिक पुलिस की मेहरबानी पर तुरंत नकेल कसी जानी चाहिए।
‘वशिष्ठ वाणी’ की साफ मांग:
- एकता नगर रोड से भारत गैस की सभी 14 गाड़ियों को तुरंत हटाया जाए और सड़क को आम जनता के लिए सुरक्षित किया जाए।
- मंत्रालय के नाम पर अवैध पार्किंग को संरक्षण देने वाले ट्रैफिक अधिकारी सतीश राउत के दावों की उच्च स्तरीय जांच हो।
जब तक एकता नगर की जनता को इस मौत के साये से मुक्ति नहीं मिलती, ‘वशिष्ठ वाणी’ की कलम और आवाज दबाई नहीं जा सकती!










