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BMC की मनमानी और फुटपाथ पर ‘धर्म का कब्जा’: प्रशासन तत्काल अतिक्रमण हटाए और दोषियों पर करे कड़ी कार्रवाई!

मुंबई: मुंबई महानगरपालिका (BMC) की कार्यप्रणाली पर ‘वशिष्ठ वाणी’ ने बड़ा खुलासा करते हुए गंभीर सवाल उठाए हैं। जहाँ एक ओर बीएमसी छोटी-मोटी निर्माण गतिविधियों पर तुरंत बुलडोजर लेकर पहुंच जाती है, वहीं शहर के प्रमुख इलाकों में हो रहे खुलेआम अतिक्रमण पर विभाग की आंखें पूरी तरह बंद हैं।

‘एकता नगर’ से ‘लिंक रोड’ तक, मनमानी का खेल:

‘वशिष्ठ वाणी’ की ग्राउंड रिपोर्ट में सामने आया है कि कांदिवली आरटीओ (RTO) अधिकारियों की मिलीभगत से एकता नगर इलाके में ‘भारत सिलेंडर’ के 14 वाहनों का अवैध गोदाम पहले ही बन चुका है। अब उसी कड़ी में बीएमसी की मनमानी का नया चेहरा गोरेगांव न्यू लिंक रोड पर देखने को मिल रहा है, जहाँ ‘धर्म के व्यापारियों’ ने फुटपाथ ही नहीं, बल्कि सड़क का एक बड़ा हिस्सा भी अपने कब्जे में ले लिया है।

‘वशिष्ठ वाणी’ के तीखे सवाल:

  • खुली छूट क्यों?: क्या बीएमसी ने इन ‘धर्म के व्यापारियों’ को फुटपाथ और सड़क पर कब्जा करने की लिखित अनुमति दी है?
  • अधिकारों का दोहरा मापदंड: जब एक आम नागरिक एक इंच भी अतिक्रमण करता है तो बीएमसी का बुलडोजर तैयार रहता है, लेकिन यहाँ प्रशासन ने चुप्पी क्यों साध रखी है?
  • जनता की सुरक्षा का क्या?: जब पूरा फुटपाथ और सड़क का हिस्सा अतिक्रमण की भेंट चढ़ चुका है, तो पैदल चलने वाले नागरिक अपनी जान जोखिम में डालकर कहाँ से गुजरें? क्या बीएमसी किसी बड़ी दुर्घटना का इंतज़ार कर रही है?

प्रशासन को चेतावनी:

‘वशिष्ठ वाणी’ ने बीएमसी से स्पष्ट किया है कि यह केवल एक रिपोर्ट नहीं, बल्कि जनता के अधिकारों का सवाल है। आरटीओ के गोदामों से लेकर फुटपाथ पर चल रहे इन अवैध कब्जों तक, अगर प्रशासन ने तुरंत ठोस कार्रवाई नहीं की, तो ‘वशिष्ठ वाणी’ जनहित में न्यायालय (Court) का दरवाजा खटखटाने के लिए बाध्य होगी।

अब देखना यह है कि क्या बीएमसी इन रसूखदार अतिक्रमणकारियों पर कार्रवाई की हिम्मत जुटा पाएगी या उनकी चुप्पी से ‘अवैध वसूली’ का ये खेल ऐसे ही चलता रहेगा?

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