मुंबई (वशिष्ठ वाणी): मालवणी के सामना नगर (गेट नंबर 8) में म्हाडा (MHADA) प्रशासन के भ्रष्टाचार और तानाशाही का ऐसा नग्न नाच चल रहा है जिसे देखकर कानून भी शर्मसार हो जाए। म्हाडा के क्षेत्रनिर्माण अधिकारी संतोष कांबले और उपनिबंधक अधिकारी बी. एस. कटरे इस कदर ‘बेशर्म’ हो चुके हैं कि उन्हें अब न तो जनता की परवाह है, न मीडिया की और न ही देश की अदालतों का कोई खौफ है।
सूत्रों के मुताबिक, ये अधिकारी अब खुलेआम चुनौती दे रहे हैं कि— “जितनी खबरें छापनी हैं छाप लो, हम कोई कार्रवाई नहीं करेंगे।” सवाल यह उठता है कि सरकारी तंत्र में बैठे इन मोहरों के पीछे आखिर कौन सा ‘बड़ा चेहरा’ या ‘नेता’ खड़ा है, जिसके दम पर ये कानून को अपनी जेब में लेकर घूम रहे हैं?
कई गंभीर मामलों के बाद भी म्हाडा के पद पर जमे हैं बी. एस. कटरे!
पड़ताल में यह चौंकाने वाला सच सामने आया है कि म्हाडा अधिकारी बी. एस. कटरे पर पहले से ही कई गंभीर मामलों की तलवार लटक रही है। इसके बावजूद वे शान से म्हाडा के मलाईदार पद पर कुंडली मारकर बैठे हैं। चूंकि इन अधिकारियों की नियुक्ति सीधे मंत्रालय (Mantralaya) द्वारा की जाती है और इन्हें हटाने का पावर भी मंत्रालय के पास ही है, शायद इसीलिए कटरे जैसे अधिकारी को लगता है कि म्हाडा के वरिष्ठ अधिकारी या स्थानीय जनता उनका बाल भी बांका नहीं कर सकती।
विधायक असलम शेख के सरकारी फंड का दुरुपयोग: जर्जर वॉटर टैंक बना ‘इवेंट स्पॉट’
सामना नगर गेट नंबर 8 की ‘ओम सिद्धिविनायक सोसाइटी’ में भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा देखिए:

नियमों की धज्जियां: सोसाइटी के चेयरमैन और सेक्रेटरी ने मिलकर 15 साल पुराने जर्जर वॉटर टैंक के ऊपर सीमेंट का अवैध ‘ओपन शेड’ तान दिया है और उसे कमर्शियल इवेंट स्पॉट बना दिया है।
नेताओं की मेहरबानी: सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इस खतरनाक और पूरी तरह से अवैध निर्माण के लिए फंड किसी और ने नहीं, बल्कि स्थानीय विधायक असलम शेख ने अपने सरकारी कोटे से दिया है!


ब्लूप्रिंट गायब: जब ‘वशिष्ठ वाणी’ ने अधिकारियों से सीधा सवाल किया कि म्हाडा के आधिकारिक ब्लूप्रिंट में इस निर्माण का कोई जिक्र नहीं है, तो फिर यह अवैध ढांचा कैसे खड़ा हुआ? इस पर संतोष कांबले और कटरे ने सांप सूंघने की तरह चुप्पी साध ली।
आपातकालीन रास्ता ब्लॉक: क्या मंत्रालय किसी ‘नरसंहार’ का इंतजार कर रहा है?


इस भ्रष्टाचार का सबसे खतरनाक पहलू यह है कि सोसाइटी के पदाधिकारियों ने म्हाडा के आपातकालीन (Emergency) रास्ते को अवैध पार्किंग में तब्दील कर दिया है। अगर कल को इस घनी आबादी वाले इलाके में कोई आगजनी या मेडिकल इमरजेंसी होती है, तो फायर ब्रिगेड की गाड़ी अंदर नहीं जा पाएगी।
‘वशिष्ठ वाणी’ का सीधा प्रहार: > संतोष कांबले और बी. एस. कटरे, मंत्रालय की कुर्सी का यह घमंड तब कहाँ जाएगा जब यह 15 साल पुरानी जर्जर पानी की टंकी किसी दिन भरभरा कर गिर जाएगी और दर्जनों मासूम काल के गाल में समा जाएंगे? क्या आप लोग सिर्फ नेताओं की चमचागिरी करने और अपनी जेबें गर्म करने के लिए बैठे हैं?
वशिष्ठ वाणी का संकल्प: जब तक कार्रवाई नहीं, तब तक कलम नहीं रुकेगी!
अगर म्हाडा के इन अधिकारियों को लगता है कि मंत्रालय के रसूख और नेताओं के संरक्षण के दम पर वे ‘वशिष्ठ वाणी’ की आवाज दबा देंगे, तो यह उनकी सबसे बड़ी भूल है। हम इस पूरे मामले को, अवैध निर्माण के लाइव फोटोज, म्हाडा के ब्लूप्रिंट और ब्लॉक किए गए रास्ते के पुख्ता सबूतों के साथ मंत्रालय के उच्च अधिकारियों, नगर विकास मंत्री और लोकायुक्त के दरबार तक लेकर जाएंगे।
जब तक संतोष कांबले और बी. एस. कटरे जैसे भ्रष्ट अधिकारियों पर जांच नहीं बैठती और मालवणी को इस खतरे से मुक्ति नहीं मिलती, ‘वशिष्ठ वाणी’ की कलम रुकने वाली नहीं है!











