मुंबई (वशिष्ठ वाणी): मुंबई के आम नागरिकों की सुरक्षा को दांव पर लगाकर सरकारी कुर्सियों का मजा ले रहे अधिकारियों की फेहरिस्त में अब कांदिवली आरटीओ (RTO) के अधिकारी सतीश राउत का नाम भी प्रमुखता से जुड़ गया है। जब से इन साहब की नियुक्ति हुई है, तब से कांदिवली वेस्ट के एकता नगर रोड और मालाड वेस्ट के मालवणी इलाके में अवैध पार्किंग का धंधा दिन-दूनी रात-चौगुनी तरक्की कर रहा है। ‘वशिष्ठ वाणी’ लगातार इस गंभीर और संवेदनशील मुद्दे पर सबूतों के साथ खबरें प्रकाशित कर आरटीओ को जगाने की कोशिश कर रही है, लेकिन सतीश राउत के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही।
बारूद के ढेर पर एकता नगर रोड! 24 घंटे लटके ‘मौत के सिलेंडर’
मामला बेहद गंभीर और सीधे तौर पर जनसुरक्षा से जुड़ा हुआ है। कांदिवली वेस्ट के एकता नगर रोड पर स्थित ‘भारत गैस एजेंसी’ के डीलर ने पूरी सड़क को ही अपना ‘अवैध ओपन गोदाम’ बना लिया है। नियमों और सुरक्षा मानकों की धज्जियां उड़ाते हुए, ज्वलनशील गैस सिलेंडरों से भरे 14 भारी वाहन (टेंपो/ट्रक) 24 घंटे सरेआम सड़क पर खड़े रहते हैं।
सोचिए, मूसलाधार बारिश, कड़कती धूप या किसी भी छोटी सी चिंगारी से अगर इन 14 गैस सिलेंडर से भरी गाड़ियों में कोई अनहोनी हो गई, तो पूरे एकता नगर का क्या हश्र होगा? लेकिन कांदिवली आरटीओ के मुखिया सतीश राउत को जनता की जान की कोई परवाह नहीं है।
तस्वीरें बयां कर रही हैं सच: सतीश राउत के राज में पूरी सड़क बनी ‘अवैध गैराज’!

‘वशिष्ठ वाणी’ के पास मौजूद यह दूसरी तस्वीर कंदिवली आरटीओ के ‘महान’ अधिकारी सतीश राउत के दावों की धज्जियां उड़ाने के लिए काफी है। इस तस्वीर में साफ देखा जा सकता है कि किस कदर पूरे एकता नगर रोड को एक सोची-समझी साजिश के तहत अवैध पार्किंग जोन में तब्दील कर दिया गया है। स्थानीय जनता गवाह है कि ऐसा खौफनाक और अराजक नजारा इस इलाके में पहले कभी देखने को नहीं मिला था। लेकिन जब से आरटीओ की कमान सतीश राउत साहब के हाथों में आई है, तब से कंदिवली से लेकर मालवणी तक का पूरा रोड आम जनता के लिए नहीं, बल्कि भू-माफियाओं और अवैध वाहनों के लिए रिजर्व हो गया है।
दिखावे का चालान और ‘दुखी मन’ से रस्म अदायगी!
जब ‘वशिष्ठ वाणी’ और स्थानीय नागरिकों द्वारा इस गंभीर खतरे की लगातार शिकायतें की गईं, तो आरटीओ प्रशासन ने कार्रवाई के नाम पर सिर्फ एक भद्दा मजाक किया। दबाव बढ़ने पर अधिकारी बड़े ‘दुखी मन’ से वहां जाते हैं, खानापूर्ति के लिए गाड़ियों का सिर्फ चालान काटते हैं और वापस लौट आते हैं!
‘वशिष्ठ वाणी’ का सीधा और तीखा सवाल: आरटीओ साहब! सिर्फ चालान काटने से क्या सड़क पर मंडरा रहा मौत का खतरा टल जाएगा? उन गाड़ियों को वहां से जब्त करके हटाया क्यों नहीं जाता? क्या आरटीओ प्रशासन गैस एजेंसी के मालिक से कोई ‘विशेष सेवा’ ले रहा है, जिसके कारण गाड़ियों को हाथ लगाने से भी डर लगता है?
जनता की सुरक्षा के दुश्मन बने बैठे हैं ऐसे अधिकारी
समय रहते किसी बड़े हादसे को रोकना और जनता की आवाज़ को बुलंद करना ‘वशिष्ठ वाणी’ का मुख्य कर्तव्य है। लेकिन कड़वा सच तो यह है कि जब तक सतीश राउत जैसे सुस्त और गैर-जिम्मेदार अधिकारी आरटीओ के शीर्ष पदों पर बैठे रहेंगे, तब तक किसी भी न्यायसंगत और कड़ी कार्रवाई की उम्मीद करना बेमानी है। आरटीओ साहब सिर्फ अपनी कुर्सी बचाने और रसूखदारों को ‘कवच’ देने में व्यस्त हैं।
‘वशिष्ठ वाणी’ इस खूनी लापरवाही के खिलाफ पीछे हटने वाली नहीं है। हम इस मामले को मुंबई पुलिस कमिश्नर और परिवहन विभाग के उच्च अधिकारियों तक लेकर जाएंगे। अगर एकता नगर रोड पर गैस सिलेंडरों के कारण कोई भी हादसा होता है, तो उसकी सीधी जिम्मेदारी कांदिवली आरटीओ अधिकारी सतीश राउत की होगी और उनके खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज होना चाहिए!










