मुंबई (वशिष्ठ वाणी): मालवणी गेट नंबर 8, समाना नगर में म्हाडा (MHADA) प्रशासन और उसके अधिकारियों का एक ऐसा कारनामा सामने आया है, जिसे सुनकर आप दंग रह जाएंगे। जनता के टैक्स के पैसे से हर महीने मोटी सैलरी उठाने वाले म्हाडा के क्षेत्रनिर्माण अधिकारी संतोष कांबले को अपनी कुर्सी का इस कदर घमंड है कि वे शिकायतकर्ताओं से बदतमीजी और बदजुबानी करने पर उतारू हो गए हैं।
जब अधिकारी खुद ही नियमों का मखौल उड़ाने लगे, तो आम जनता अपनी सुरक्षा की गुहार लेकर कहाँ जाए?
जांच के नाम पर भड़के अधिकारी, कहा— “जगह दे दी, अब तुम लोग देखो!”
पूरा मामला तब गरमाया जब मालवणी में जांच के लिए आए म्हाडा अधिकारी संतोष कांबले को सोसाइटी के एक जागरूक सदस्य ने फोन किया। सदस्य ने अधिकारी से सिर्फ इतनी गुहार लगाई कि वे एक बार समाना नगर गेट नंबर 8 पर आकर जमीनी हकीकत देख लें, जहां आपातकालीन (Emergency) रास्ते को पूरी तरह से अवैध पार्किंग में तब्दील कर दिया गया है।
इतना सुनते ही साहब का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया। कार्रवाई करने के बजाय संतोष कांबले भड़क गए और बोले— “जगह तुम लोगों को दे दी है, अब वह तुम लोग ही देखो।” ### अवैध पार्किंग हटाने के बजाय रास्ता लॉक करने की दे रहे हैं ‘ट्रेनिंग’!
हद तो तब हो गई जब इस अधिकारी ने आपातकालीन रास्ते से अवैध वाहन हटवाने के बजाय शिकायतकर्ता को ही एक अजीबोगरीब सलाह दे डाली। संतोष कांबले ने कहा कि— “आपातकालीन रास्ते को लॉक करने के लिए वहां के वाहनों को सोसाइटी का स्टिकर दे दो!” > ‘वशिष्ठ वाणी’ का सीधा सवाल: > संतोष कांबले जी, यहाँ बात आपातकालीन रास्ते को पूरी तरह खाली और खुला रखने की हो रही है ताकि कल को कोई हादसा होने पर फायर ब्रिगेड या एम्बुलेंस अंदर आ सके। लेकिन आप वहां अवैध पार्किंग को हटाने के बजाय सोसाइटी का स्टिकर लगाकर रास्ता हमेशा के लिए लॉक करने का तरीका सिखा रहे हैं? यह जनता की जान के साथ खिलवाड़ नहीं तो और क्या है?
फेडरेशन की मनमानी पर झाड़ा पल्ला
जब पीड़ित सोसाइटी मेंबर ने अधिकारी को साफ शब्दों में बताया कि खुद फेडरेशन और चेयरमैन ही मिलकर इस आपातकालीन रास्ते पर अवैध पार्किंग करवा रहे हैं, तो म्हाडा अधिकारी का गैर-जिम्मेदाराना जवाब था— “वह तुम लोग आपस में देख लो।” साहब ने फोन पर लंबा-चौड़ा लेक्चर तो दे दिया, लेकिन हकीकत जानने के लिए समाना नगर की तरफ रुख करना भी जरूरी नहीं समझा।
म्हाडा के उपाध्यक्ष संजीव जायसवाल, ऐसे अधिकारियों पर कब होगी एफआईआर?
जनता की सुरक्षा को ताक पर रखकर, अवैध पार्किंग करने वालों को मूक संरक्षण देने वाले ऐसे अधिकारियों पर म्हाडा के वाइस प्रेसिडेंट संजीव जायसवाल को तुरंत एक्शन लेना चाहिए। ‘वशिष्ठ वाणी’ म्हाडा प्रशासन से मांग करता है कि इस बदतमीज और कामचोर अधिकारी के खिलाफ तुरंत विभागीय जांच बैठाई जाए और मालवणी के इस ब्लॉक आपातकालीन रास्ते को तुरंत खाली कराया जाए!












