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वशिष्ठ वाणी ग्राउंड रिपोर्ट: भारत गैस की दबंगई और मुख्यमंत्री फडणवीस की ‘अनदेखी’; क्या एकता नगर की जनता की जान इतनी सस्ती है?

कांदिवली (एकता नगर): एकता नगर की सड़कों पर बिछा ‘बारूद का जाल’ आज भी जस का तस है। ‘वशिष्ठ वाणी’ द्वारा बार-बार आगाह करने के बावजूद न तो प्रशासन जागा है और न ही राज्य के मुखिया ने इस ओर ध्यान दिया है। रिहायशी इलाके की मुख्य सड़क को भारत गैस ने अपना खुला गोदाम बना लिया है, और विडंबना देखिए कि शासन-प्रशासन इस जानलेवा खतरे को लगातार अनदेखा कर रहा है।

मुख्यमंत्री फडणवीस जी, आपकी यह ‘अनदेखी’ कहीं भारी न पड़ जाए!

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस जी अपनी त्वरित कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं, लेकिन एकता नगर के इस गंभीर मुद्दे पर उनकी अनदेखी कई सवाल खड़े करती है:

  • खतरे से मुंह क्यों मोड़ा?: क्या मुख्यमंत्री जी द्वारा इस मुद्दे को अनदेखा करना यह दर्शाता है कि आम नागरिकों की सुरक्षा अब प्राथमिकता नहीं रही?
  • अधिकारियों को खुली छूट?: जब रिहायशी सड़कों पर चलते-फिरते बम (गैस ट्रक) खड़े हों, तब भी शासन का इस विषय को अनदेखा करना लापरवाह अधिकारियों और गैस वितरकों के हौसले बुलंद कर रहा है।
  • सत्ता की चमक या जनता का खौफ?: क्या सरकार केवल सत्ता और पावर के खेल में व्यस्त है? एकता नगर के हजारों परिवार जिस खतरे के साये में जी रहे हैं, उसे आखिर कब तक अनदेखा किया जाएगा?

ग्राउंड जीरो का सच: सड़क बनी ‘डेथ जोन’

आज की ग्राउंड रिपोर्ट में साफ दिखा कि भारत गैस के वितरक पूरी तरह बेखौफ हैं।

  • अवैध कब्जा बरकरार: मुख्य सड़क पर सिलेंडरों से लदे वाहनों की कतारें कम होने के बजाय बढ़ती जा रही हैं, क्योंकि प्रशासन ने कार्रवाई के बजाय अनदेखा करने का रास्ता चुना है।
  • सुरक्षा नियमों की बलि: रिहायशी क्षेत्र में इतने बड़े पैमाने पर विस्फोटक सामग्री का भंडारण नियमों का खुला उल्लंघन है, जिसे मुख्यमंत्री का विभाग (गृह विभाग) लगातार अनदेखा कर रहा है।

वशिष्ठ वाणी का सीधा सवाल: कब तक चलेगी यह लापरवाही?

प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा है क्योंकि बड़े स्तर पर इस समस्या को अनदेखा किया जा रहा है। ‘वशिष्ठ वाणी’ मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मांग करता है कि वे इस अनदेखी को तुरंत खत्म करें और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के आदेश दें। जनता को सुरक्षित सड़कें चाहिए, प्रशासन की लापरवाही नहीं।

“अगर आज इस खतरे को अनदेखा किया गया, तो कल की त्रासदी के जिम्मेदार सीधे तौर पर आप होंगे।”

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