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वशिष्ठ वाणी महा-खुलासा: कांदिवली ट्रैफिक विभाग की ‘नींद’ गहरी या इरादे नेक नहीं? 23 अप्रैल को भी फुटपाथ पर कब्जा बरकरार!

कांदिवली, मुंबई: कहते हैं कि न्यूज़ का असर सिस्टम को हिला देता है, लेकिन कांदिवली ट्रैफिक विभाग ने शायद ठान लिया है कि वे अपनी आँखों पर पट्टी बांधे रखेंगे। वशिष्ठ वाणी द्वारा लगातार की जा रही ग्राउंड रिपोर्टिंग और खुलासों के बावजूद, आज दिनांक 23 अप्रैल 2026 को भी एकता नगर रोड पर स्थिति जस की तस बनी हुई है।

ग्राउंड जीरो से हकीकत: सरेआम कानून की धज्जियां

आज जब ‘वशिष्ठ वाणी’ की टीम ने चार्कोप सिग्नल से हिंदुस्तान नाका तक का दौरा किया, तो नजारा चौंकाने वाला था। फुटपाथ, जो पैदल चलने वालों का हक है, वहां लंबी कतारों में गाड़ियां पार्क हैं। जनता अपनी जान जोखिम में डालकर बीच सड़क पर चलने को मजबूर है।

अधिकारी सतीश राउत पर सीधा सवाल!

खबर प्रकाशित होने के बाद भी व्यवस्था में सुधार न होना कई गंभीर सवाल खड़े करता है:

  1. क्या ट्रैफिक विभाग के अधिकारी सतीश राउत को यह अवैध पार्किंग दिखाई नहीं देती?
  2. क्या विभाग इतना ‘बेशर्म’ हो चुका है कि उसे जनता की परेशानियों से कोई फर्क नहीं पड़ता?
  3. बार-बार न्यूज़ में आने के बाद भी कार्रवाई न होना, क्या किसी बड़ी साठगांठ की ओर इशारा करता है?

“शर्म आती है ऐसे सिस्टम पर जहां न्यूज़ के माध्यम से आईना दिखाने के बाद भी अधिकारियों की रूह नहीं कांपती। एकता नगर रोड अब हादसों का सबब बन चुका है, लेकिन साहब की कुर्सी सलामत है।”टीम वशिष्ठ वाणी

जनता पूछे सवाल: आखिर कौन जगाएगा इन अधिकारियों को?

एक तरफ मुंबई पुलिस अनुशासन का दावा करती है, वहीं दूसरी ओर कांदिवली का यह इलाका ‘अंधेर नगरी चौपट राजा’ की मिसाल पेश कर रहा है। वशिष्ठ वाणी प्रशासन से यह पूछना चाहती है कि क्या कार्रवाई के लिए किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जा रहा है?

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