लोकप्रिय विषयमहाराष्ट्रसम्पादकीयकवितास्वास्थ्यअपराधअन्यवीडियो

कांदिवली में ‘टाइम बम’ पर जनता! सड़क किनारे खड़े सिलेंडर से भरे 14 वाहन, बड़े हादसे की आहट

मुंबई (संवाददाता): कांदिवली के जनकल्याण नगर से एकता नगर मार्ग पर सुरक्षा नियमों की धज्जियाँ उड़ाने वाला एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ सड़क किनारे गैस सिलेंडरों से लदे करीब 13 से 14 वाहन लावारिस की तरह कतार में खड़े हैं, जो किसी भी वक्त एक बड़े विस्फ़ोट का कारण बन सकते हैं।

🧨 रूह कंपा देने वाली लापरवाही

घनी आबादी वाले इस क्षेत्र में इतने भारी मात्रा में ज्वलनशील गैस सिलेंडरों का सड़क पर खड़ा होना स्थानीय निवासियों की जान के साथ सीधा खिलवाड़ है। यदि यहाँ कोई छोटी सी चिंगारी भी उठती है, तो इसका परिणाम भयावह हो सकता है।

❓ दावों पर उठे सवाल: मंत्रालय की अनुमति या कोरा झूठ?

सूत्रों के हवाले से खबर है कि कांदिवली ट्रैफिक विभाग के अधिकारी सतीश राउत ने इसे मंत्रालय से मिली अनुमति का हिस्सा बताया है। लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि जब वशिष्ठ वाणी की टीम ने इस ‘तथाकथित’ अनुमति के दस्तावेज मांगे, तो अधिकारी कोई भी प्रमाण पेश करने में विफल रहे।

प्रमुख सवाल जो प्रशासन को कटघरे में खड़ा करते हैं:

  • क्या मंत्रालय ने वास्तव में सड़क पर ‘बम’ खड़े करने की अनुमति दी है?
  • अगर कोई हादसा हुआ, तो क्या प्रशासन इसकी जिम्मेदारी लेगा?
  • क्या इन वाहनों को किसी सुरक्षित और निर्जन स्थान पर शिफ्ट नहीं किया जा सकता?

📢 जिम्मेदार मौन, जनता में रोष

इस गंभीर लापरवाही पर वशिष्ठ वाणी सीधे सवाल पूछती है:

  1. केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल जी, क्या आपके संसदीय क्षेत्र में जनता की सुरक्षा इतनी सस्ती है?
  2. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस जी, क्या इस विभाग की मनमानी पर कोई लगाम कसेगा?

निष्कर्ष: अधिकारी आँखें मूंदे बैठे हैं और सड़क पर खड़ा यह खतरा दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो मुंबई को एक और बड़े हादसे का सामना करना पड़ सकता है।

Join WhatsApp

Join Now

और पढ़ें

क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है प्रशासन? छत्रपति शिवाजी राजे कॉम्प्लेक्स के बाहर 24 घंटे खड़े एलपीजी सिलेंडरों के टैंकर, कांदिवली ट्रैफिक विभाग मौन!

करोड़ों की लग्जरी बसें खरीदीं, लेकिन पार्किंग के लिए ‘सरकारी सड़क’ घेरी! उमांग टॉवर की सड़क बनी प्राइवेट बस डिपो, क्या गोरेगांव ट्रैफिक विभाग से है साठगांठ?

‘नो-पार्किंग’ बोर्ड बना मज़ाक! MG शोरूम की दबंगई के आगे गोरेगांव ट्रैफिक पुलिस लाचार, BMC कब रद्द करेगी लाइसेंस?

रसूख के आगे पंगु बना प्रशासन? ‘Lemon Tree Premier’ के बाहर अवैध कब्जा, क्या कोर्ट के चाबुक से जागेगा गोरेगांव ट्रैफिक विभाग और BMC?

अब सीधी कार्रवाई की मांग: बिना पार्किंग टाटा मोटर्स को शोरूम चलाने की इजाजत किसने दी? BMC लाइसेंस रद्द करे!

वशिष्ठ वाणी विशेष: लोकतंत्र में ‘सवाल’ पूछना हक है, तो फिर इसे ‘महाराष्ट्र का अपमान’ क्यों बताया जा रहा है?

Leave a Comment