राजस्थान के दो सबसे प्रमुख शहरों, झीलों की नगरी उदयपुर और गुलाबी नगरी जयपुर के बीच सफर करने वाले हजारों यात्रियों के लिए खुशियों वाली खबर आई है। पिछले एक दशक से ‘स्पेशल’ ट्रेन के नाम पर वसूला जा रहा अतिरिक्त किराया अब इतिहास बन गया है।
रेल मंत्रालय ने उदयपुर-जयपुर-उदयपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस (20993/94) को अब पूर्णतः नियमित घोषित कर दिया है। इस फैसले से न केवल यात्रियों की जेब पर बोझ कम होगा, बल्कि मेवाड़ और वागड़ क्षेत्र के विकास को भी नई गति मिलेगी।
किराए का गणित: हर टिकट पर 150 तक की सीधी बचतरेलवे के इस फैसले का सबसे बड़ा और सीधा असर यात्रियों की बचत पर पड़ा है। दरअसल, ‘स्पेशल’ श्रेणी की ट्रेनों का किराया सामान्य ट्रेनों की तुलना में 30 प्रतिशत तक अधिक होता है। अब ‘स्पेशल’ टैग हटते ही यह ट्रेन सामान्य सुपरफास्ट दरों पर चलेगी।
15 साल का लंबा इंतजार हुआ खत्मयह ट्रेन पिछले करीब डेढ़ दशक से ‘स्पेशल’ के तौर पर संचालित हो रही थी। नियमतः स्पेशल ट्रेनें अस्थाई अवधि के लिए चलाई जाती हैं, लेकिन उदयपुर-जयपुर मार्ग पर यह ‘अस्थाई’ व्यवस्था 15 साल तक खिंच गई।
उत्तर पश्चिम रेलवे ने इस ट्रेन के साथ-साथ कुल 23 ट्रेनों को रेगुलर किया है, जिसमें जयपुर-बांद्रा और जोधपुर-मऊ जैसी महत्वपूर्ण ट्रेनें भी शामिल हैं। नियमित होने के बाद अब इसे नया नंबर 20993/94 आवंटित किया गया है।
वंदे भारत को फिर से चलाने की उठी मांगकिराया कम होने की खुशी के बीच, उदयपुर-जयपुर के बीच बंद हो चुकी वंदे भारत एक्सप्रेस को दोबारा शुरू करने की मांग ने भी जोर पकड़ लिया है। पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया ने इस संबंध में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर चर्चा की है। कटारिया ने सुझाव दिया है कि वंदे भारत के समय में बदलाव किया जाए, ताकि यह यात्रियों के लिए अधिक उपयोगी हो सके।
उदयपुर से सुबह 5:00 बजे प्रस्थान और 11:00 बजे जयपुर आगमन। जयपुर से शाम 5:00 बजे प्रस्थान और रात तक उदयपुर वापसी। इससे व्यापारी और छात्र एक ही दिन में अपना काम निपटाकर घर लौट सकेंगे।
मुंबई जाने वालों की भी हुई ‘चांदी’सिर्फ जयपुर ही नहीं, मेवाड़ से देश की आर्थिक राजधानी मुंबई (बांद्रा) जाने वाले प्रवासियों और व्यापारियों के लिए भी बड़ी खुशखबरी है। रेलवे ने मुंबई के लिए चलने वाली दो साप्ताहिक स्पेशल ट्रेनों को भी स्थाई मंजूरी दे दी है। अब इन ट्रेनों में भी यात्रियों को महंगा ‘स्पेशल फेयर’ नहीं देना होगा। इससे पर्यटन और व्यापारिक रिश्तों को मजबूती मिलेगी।
किसे होगा सबसे ज्यादा फायदा?रेलवे अधिकारियों का मानना है कि किराया कम होने से ट्रेन में यात्रियों की संख्या में भारी इजाफा होगा। इसका सर्वाधिक लाभ इन वर्गों को मिलेगा। जो प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा के लिए जयपुर रहते हैं, जिनका माल की बुकिंग और व्यापार के सिलसिले में रोजाना आना-जाना लगा रहता है। उदयपुर आने वाले विदेशी और घरेलू सैलानियों के लिए अब जयपुर से कनेक्टिविटी बेहद किफायती हो जाएगी।














