कांदिवली/मुंबई (विशेष संवाददाता): कांदिवली वेस्ट (Kandivali West) के भूमि पार्क रोड (Bhumi Park Road) और छत्रपति शिवाजी राजे कॉम्प्लेक्स (Chhatrapati Shivaji Raje Complex) के बाहर ‘भारत गैस’ (Bharat Gas) द्वारा मुख्य सड़क पर 24 घंटे चलाए जा रहे अवैध गोदाम (Illegal Open Godown) का मामला अब सिर्फ ट्रैफिक पुलिस की नाकामी नहीं, बल्कि पूरे प्रशासनिक तंत्र के बहरेपन का सबूत बन चुका है।
दैनिक समाचार पत्र और डिजिटल पोर्टल ‘वशिष्ठ वाणी’ (Vashisth Vani) में भाग-1, भाग-2 और भाग-3 की रिपोर्ट्स प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद भी न तो कांदिवली ट्रैफिक विभाग (Kandivali Traffic Police Division) के अफसरों की नींद खुली, न एसीपी कार्यालय (ACP Office) ने कोई ठोस कदम उठाया, और न ही गृह मंत्री व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस जी के कार्यालय (CMO Maharashtra) से कोई संज्ञान लिया गया।
सड़क पर एलपीजी सिलेंडरों (LPG Cylinders) से लदी 10 से 14 भारी गाड़ियां 24 घंटे वैसी ही खड़ी हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि स्थानीय अधिकारियों ने यह मान लिया है कि “खबरें छपती रहेंगी, लेकिन हमारी कुर्सी और बेफिक्री पर कोई आंच नहीं आएगी।”
1. 24 घंटे सिलेंडरों का जमावड़ा: विस्फोटक अधिनियम (PESO Act) की खुली धज्जियां
यह मामला अब केवल गलत पार्किंग या यातायात बाधित करने तक सीमित नहीं रह गया है। घनी आबादी वाले रिहायशी इलाके (Residential Area) में—जहाँ 25 हजार से ज्यादा नागरिक रहते हैं—मुख्य सार्वजनिक सड़क को 24 घंटे एलपीजी सिलेंडरों का खुला गोदाम बनाकर रखना सीधे तौर पर पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन (PESO - Petroleum and Explosives Safety Organization) और अग्निशमन विभाग (Mumbai Fire Brigade) के सुरक्षा नियमों का सीधा उल्लंघन है।
एक छोटी सी मानवीय भूल या चिंगारी पूरे क्षेत्र को बड़े हादसे में तब्दील कर सकती है, लेकिन कांदिवली ट्रैफिक विभाग इसे केवल एक मामूली “चालान काटने” का मामला बताकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहा है।
2. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस जी से सीधा और अंतिम सवाल
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री होने के साथ-साथ गृह विभाग की कमान भी आपके ही हाथों में है। ऐसे में वशिष्ठ वाणी सीधे प्रशासनिक जवाबदेही तय करते हुए सवाल उठाता है:

- क्या कार्रवाई के लिए हादसे का इंतजार है?: जब ‘वशिष्ठ वाणी’ लगातार जनसुरक्षा से जुड़े इस गंभीर खतरे का सबूत पेश कर रहा है, तो कांदिवली के स्थानीय पुलिस अधिकारियों और एसीपी स्तर के अफसरों पर संज्ञान क्यों नहीं लिया जा रहा?
- निलंबन (Suspension) से परहेज क्यों?: जो अधिकारी खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़वा रहे हैं और जनता की सुरक्षा को ताक पर रख चुके हैं, उन पर तुरंत अनुशासनात्मक कार्रवाई या निलंबन करने में सरकार को क्या झिझक है?
- मनोबल किसका बढ़ रहा है?: सरकार और वरिष्ठ अधिकारियों की इस खामोशी से अवैध धंधा करने वालों और लापरवाह अफसरों का मनोबल सातवें आसमान पर है, जबकि निर्दोष जनता डर के साये में जीने को मजबूर है।
3. ‘वशिष्ठ वाणी’ का अगला प्रशासनिक व कानूनी कदम (Legal & Administrative Action Plan)
जब समाचार पत्रों के खुलासों से भी बहरा सिस्टम न जागे, तो ‘वशिष्ठ वाणी’ अपनी सामाजिक और पत्रकारिता की जिम्मेदारी निभाते हुए इस लड़ाई को लीगल और एडमिनिस्ट्रेटिव स्तर पर ले जा रहा है:
- गृह विभाग और डीसीपी ट्रैफिक को सीधा स्पीड पोस्ट: आरटीआई
(RTI)जवाब और प्रकाशित खबरों के तमाम कागजी सबूतों के साथ पुलिस आयुक्त मुंबई(Commissioner of Police, Mumbai), जॉइंट सीपी ट्रैफिक(Joint CP Traffic)और डीसीपी ट्रैफिक वेस्टर्न सबअर्ब्स(DCP Traffic Western Suburbs)को आधिकारिक शिकायत पत्र भेजा जा रहा है। - PESO व फायर ब्रिगेड को रिमाइंडर: पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन
(PESO)और फायर ब्रिगेड को पत्र भेजकर इस अवैध रिहायशी गैस भंडारण की तुरंत जांच और जब्ती(Seizure of Illegal Gas Trucks)की मांग की जाएगी।
वशिष्ठ वाणी का स्पष्ट रुख: जब तक भूमि पार्क रोड से भारत गैस के इन अवैध वाहनों को पूरी तरह से हटाकर सड़क खाली नहीं कराई जाती, तब तक हमारी कलम और हमारी रिपोर्टिंग इस बेपरवाह सिस्टम को आईना दिखाती रहेगी!










