- वशिष्ठ वाणी: विशेष रिपोर्ट
मुंबई: मालाड वेस्ट के जन कल्याण नगर रोड (सेंट जूड स्कूल के सामने, दिव्या पार्क और बफिरा नगर) पर बीएमसी अतिक्रमण विभाग के वरिष्ठ निरीक्षक प्रवीण वाघेला (Praveen Vaghela) की कार्यशैली पर ‘वशिष्ठ वाणी’ द्वारा लगातार तीखे खुलासे करने के बावजूद, धरातल पर हालात में एक इंच का भी सुधार नहीं आया है। मीडिया में पोल खुलने और कागजी दावों की धज्जियां उड़ने के बाद भी अधिकारी प्रवीण वाघेला की कथित ‘मेहरबानी’ का सिलसिला बदस्तूर जारी है!
‘वशिष्ठ वाणी’ की खबर का भी असर नहीं: बेशर्मी की पराकाष्ठा
अधिकारी प्रवीण वाघेला ने बड़े-बड़े दावे किए थे कि फुटपाथ को हमेशा के लिए मुक्त रखने के लिए वे रोजाना डंडा चलाएंगे। लेकिन सच यह है कि:
- खबर छपने के बाद भी कब्जा जारी: मीडिया में लगातार ग्राउंड रिपोर्ट्स और पर्दाफाश होने के बावजूद, अतिक्रमणकारियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्हें कानून या प्रशासन का कोई खौफ नहीं है।
- सांठगांठ का काला सच: जब तक ऊपर से नीचे तक मलाई खिलाने का यह खेल बंद नहीं होगा, तब तक न तो कागजी कार्रवाई से कुछ बदलेगा और न ही इन अधिकारियों की आंखें खुलेंगी।
जनता का सीधा और कड़ा सवाल
जनता अब खुलेआम पूछ रही है कि जब मीडिया सबूतों के साथ बार-बार अधिकारियों की लापरवाही और मिलीभगत को उजागर कर रहा है, तब भी बीएमसी के वरिष्ठ अधिकारी या कमिश्नर ऐसे लापरवाह और मलाईखोर अधिकारियों के खिलाफ सख्त विभागीय जांच क्यों नहीं बिठाते? क्या प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना के होने का इंतजार कर रहा है?
‘वशिष्ठ वाणी’ इन लापरवाह अधिकारियों की नींद हराम करता रहेगा। जब तक जन कल्याण नगर का एक-एक फुटपाथ पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त नहीं हो जाता, तब तक हमारा यह तीखा पहरा और करारा कटाक्ष यूं ही जारी रहेगा!












