लोकप्रिय विषयमहाराष्ट्रसम्पादकीयकवितास्वास्थ्यअपराधअन्यवीडियो

CONSUMER ALERT: ‘Enrich Salon’ में कद्र न मिलने से निराश ग्राहक, उठाया सवाल—”जहाँ सम्मान न मिले, वहाँ क्यों जाएँ लोग?”

विशेष उपभोक्ता रिपोर्ट | मुंबई

‘ग्राहक ही भगवान है’—सर्विस इंडस्ट्री का यह सबसे बुनियादी मंत्र क्या केवल विज्ञापनों और होर्डिंग्स तक सीमित रह गया है? मुंबई के पॉश इलाकों और नामचीन मॉल्स में संचालित ब्यूटी चेन ‘इनरिच सैलून’ (Enrich Salon) की कार्यप्रणाली को लेकर एक पीड़ित ग्राहक का कड़वा अनुभव सामने आया है। ग्राहक का कहना है कि चाहे अंधेरी लोखंडवाला की ब्रांच हो या मालाड का इनऑर्बिट मॉल, हर जगह ब्रांड का नाम बड़ा है, लेकिन ग्राहक सेवा और आदर-सत्कार के मामले में स्थिति बेहद निराशाजनक है।

“पैसे पूरे, फिर भी अनदेखी”: पीड़ित ग्राहक ने साझा किया अनुभव

अपनी आपबीती साझा करते हुए एक स्थानीय ग्राहक ने बताया कि कैसे पॉश एरिया में स्थित इन सैलूनों में ग्राहकों के समय और मौजूदगी की कोई अहमियत नहीं समझी जा रही है:

“पहले मैंने अंधेरी लोखंडवाला वाले इनरिच सैलून में अपॉइंटमेंट लेने की कोशिश की, लेकिन वहाँ स्टाफ अपनी मर्जी का टाइम थोपता है। सोचा कि इनऑर्बिट मॉल की ब्रांच शायद बेहतर होगी, लेकिन वहाँ भी वही अनमना रवैया! जब आप पूरे पैसे चुका रहे हैं और फिर भी बिना माँगे पानी तक न पूछा जाए, बुकिंग के बाद कॉल बैक न आए—तो लोगों को समझना होगा कि ऐसी जगह जाने का आख़िर क्या मतलब जहाँ आपकी कोई कद्र ही नहीं है?”

पीड़ित ग्राहक (मुंबई)

📌 मीडिया की पड़ताल: रिपोर्ट में उठाए गए 3 मुख्य बिंदु

1. मनमर्जी की स्लॉट बुकिंग (अंधेरी लोखंडवाला ब्रांच)

ग्राहक की सहूलियत को प्राथमिकता देने के बजाय स्टाफ अपने हिसाब से समय तय करता है, जिससे प्रीमियम सर्विस की उम्मीद लेकर जाने वाले व्यक्ति को निराशा ही हाथ लगती है।

2. पेशेवर प्रतिबद्धता का अभाव (इनऑर्बिट मॉल ब्रांच)

इनऑर्बिट मॉल स्थित आउटलेट पर बुकिंग कराने पहुंचे ग्राहक को 1 घंटे में कॉल बैक करने का भरोसा दिया गया, लेकिन पूरे दिन सैलून प्रबंधन की ओर से कोई संपर्क नहीं किया गया।

3. बुनियादी आतिथ्य (Hospitality) से दूरी

छोटे और स्थानीय (लोकल) सैलून में जहाँ पहुँचते ही ग्राहक को सम्मानपूर्वक बैठाकर चाय-पानी पूछा जाता है, वहीं इस नामचीन ब्रांड में बिना माँगे पानी का एक घूंट तक नसीब नहीं होता।

💡 जनहित में जागरूकता: क्यों सोचना ज़रूरी है?

यह रिपोर्ट उपभोक्ताओं को यह अहसास कराने के लिए है कि अपनी गाढ़ी कमाई खर्च करने के बाद सही सर्विस और सम्मान पाना उनका अधिकार है। यह मामला सोचने पर मजबूर करता है कि अक्सर नामचीन ब्रांड्स सिर्फ भारी-भरकम बिल वसूलते हैं, जबकि स्थानीय सैलून ग्राहक की कद्र करना बेहतर जानते हैं।

💬 अंतिम सवाल

“जब पूरे पैसे देकर भी ग्राहक को अनमना रवैया मिले, तो क्या केवल बड़े ब्रांड का ठप्पा देखकर वहाँ जाना समझदारी है? क्या अब समय आ गया है कि लोग अपनी गाढ़ी कमाई खर्च करने से पहले सर्विस और आदर-सत्कार को तरजीह दें?”

Join WhatsApp

Join Now

और पढ़ें

डिजिटल इंडिया में ‘सेवा’ का अपमान: खाता खोला तब घर सही था, अब QR कोड मांगा तो रेजिडेंशियल बताने लगे! एक्सिस बैंक की मनमानी पर मौन क्यों है RBI?

Best Rupay Credit Cards for UPI 2026: अब हर UPI पेमेंट पर मिलेगा कैशबैक, जानें सबसे बेहतरीन कार्ड्स

PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana 2026: अब घर की छत से बनेगी बिजली, सरकार देगी ₹78,000 की सब्सिडी

PM Awas Yojana 2026: नई लिस्ट में अपना नाम कैसे देखें? घर बनाने के लिए सरकार दे रही है ₹2.5 लाख, यहाँ से करें आवेदन।

Rythu Bharosa Status 2026: तेलंगाना के किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी! आज आएगी पहली किस्त, ऐसे चेक करें लिस्ट में अपना नाम

Leave a Comment