Dhirendra Shastri News: सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें कुछ हिंदू कार्यकर्ता वृंदावन में सरकारी लाइसेंस प्राप्त शराब की दुकानों को जबरन बंद करते दिख रहे हैं। दुकानों के शटर नीचे खींचे जा रहे हैं और दुकानदारों से ताले लगवाए जा रहे हैं।
यह कार्रवाई बागेश्वर धाम (Bageshwar Dham) के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (Dhirendra Shastri) के उस बयान के ठीक बाद हुई है जिसमें उन्होंने ब्रज क्षेत्र (मथुरा-वृंदावन) को पूर्ण रूप से मांस-मदिरा मुक्त बनाने की अपील की थी। नवंबर महीने में आयोजित विशाल पैदल यात्रा के दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने कहा था कि “कृष्ण की नगरी में शराब और मांस का कारोबार नहीं चलना चाहिए”।
वीडियो में दिख रहे कार्यकर्ताओं में दक्ष चौधरी समेत कई लोग शामिल हैं जो खुद को बागेश्वर धाम का अनुयायी बता रहे हैं। वे दुकानदारों को धमकाते हुए कह रहे हैं कि “अब ब्रज में शराब नहीं बिकेगी, बाबा का हुक्म है”।
प्रसिद्ध फैक्ट-चेकर मोहम्मद जुबैर (Zubair Exposed) ने इस वीडियो को शेयर करते हुए इसे गैर-कानूनी गुंडागर्दी और जिहादी स्टाइल मॉब जस्टिस करार दिया है। उन्होंने सवाल उठाया कि लाइसेंस प्राप्त दुकानों को जबरदस्ती बंद करना कानून के दायरे में कैसे आता है?
सोशल मीडिया पर दो धड़े बंटे
- एक पक्ष का कहना है कि यह धार्मिक भावनाओं का सम्मान है, जैसे मक्का-मदीना में शराब पूरी तरह प्रतिबंधित है, वैसे ही कृष्ण की जन्मभूमि पर भी लागू होना चाहिए।
- दूसरा पक्ष इसे मॉब लिंचिंग की तरह का धार्मिक उन्माद बता रहा है और पूछ रहा है कि क्या अब हर धर्मगुरु का फरमान कानून से ऊपर होगा?
पुलिस ने अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। स्थानीय प्रशासन से जब संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि “जाँच की जा रही है”।


