मालाड (मुंबई): मुंबई के मालाड वेस्ट स्थित न्यू लिंक रोड पर ‘वशिष्ठ वाणी’ की टीम ने एक चौंकाने वाली ग्राउंड रिपोर्टिंग के जरिए लाकोजी टोयोटा (Lakozy Toyota) शोरूम की मनमानी की पोल खोली है। एक तरफ जहां टोयोटा जैसा बड़ा ब्रांड लाखों-करोड़ों का व्यापार कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ आम जनता के चलने के लिए बने फुटपाथ को अवैध पार्किंग स्टैंड में तब्दील कर दिया गया है।
मुख्य बिंदु और खुलासे:
1. शोरूम के अंदर बाइक एंट्री पर पाबंदी:
जांच में सामने आया है कि लाकोजी टोयोटा शोरूम प्रबंधन ने शोरूम के भीतर दोपहिया वाहनों (बाइक) के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी है। बताया जा रहा है कि शायद प्रबंधन को लगता है कि अंदर बाइक खड़ी होना उनकी ‘शान’ के खिलाफ है।
2. फुटपाथ बना अवैध पार्किंग जोन:
शोरूम के अंदर जगह न मिलने के कारण ग्राहकों और कर्मचारियों को अपनी बाइक मजबूरन फुटपाथ पर खड़ी करनी पड़ रही है। न्यू लिंक रोड जैसे व्यस्त इलाके में फुटपाथ पर बाइक की कतारों की वजह से पैदल चलने वाले राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
3. सुरक्षाकर्मियों की दबंगई और बेखौफ अंदाज:
जब ‘वशिष्ठ वाणी’ की टीम ने शोरूम के सुरक्षाकर्मियों से बात की, तो उन्होंने ऑफ-रिकॉर्ड बेहद चौंकाने वाली बात कही। सुरक्षाकर्मियों का कहना है कि— “बाहर जितनी भी बाइक खड़ी हैं, वह सब हमारी ही हैं, RTO वाले कुछ नहीं करेंगे। आपको भी जहां जगह मिले गाड़ी लगा दीजिए और फिर शोरूम के अंदर आ जाइए।”
4. प्रशासन को खुली चुनौती:
शोरूम कर्मचारियों का यह रवैया साफ दर्शाता है कि उन्हें न तो ट्रैफिक नियमों का डर है और न ही प्रशासन की कार्रवाई का। लाखों का मुनाफा कमाने वाला यह शोरूम अपनी जिम्मेदारी निभाने के बजाय सार्वजनिक संपत्ति (फुटपाथ) का दुरुपयोग कर रहा है।
बड़ा सवाल: क्या केवल बाइक वालों पर होगी कार्रवाई या शोरूम मालिक पर भी?
अब सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या गोरेगांव ट्रैफिक विभाग और RTO केवल उन गरीब बाइक सवारों का चालान काटेंगे जो मजबूरी में वहां गाड़ी खड़ी कर रहे हैं? या फिर लाकोजी टोयोटा के मालिक पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिन्होंने जानबूझकर अपने परिसर के अंदर पार्किंग की जगह बंद की है?
आस-पास कोई आधिकारिक पार्किंग स्टैंड न होने के कारण स्थिति और भी बदतर हो गई है। स्थानीय नागरिकों में इस बात को लेकर भारी रोष है कि एक नामी शोरूम की वजह से आम जनता के चलने का रास्ता छीना जा रहा है।
देखना यह होगा कि इस खबर के बाद प्रशासन क्या रुख अपनाता है।










