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वशिष्ठ वाणी विशेष ग्राउंड रिपोर्ट: क्या गोरेगांव RTO और ग्रीन लीफ रेस्टोरेंट की ‘जुगलबंदी’ से ठप है ट्रैफिक?

मालाड: पिछले काफी समय से वशिष्ठ वाणी मालाड न्यू लिंक रोड पर हो रही अवैध पार्किंग के खिलाफ लगातार मोर्चा खोले हुए है। हमारी टीम ने अपनी जमीनी पड़ताल (Ground Reporting) में जो खुलासा किया है, वह बेहद चौंकाने वाला और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाने वाला है।

क्या है पूरा मामला?

तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि रेस्टोरेंट के बाहर एक कर्मचारी तैनात है। वशिष्ठ वाणी की जांच में यह सामने आया है कि यह कर्मचारी वहां ग्राहकों की सुविधा के लिए नहीं, बल्कि RTO अधिकारियों को रोकने के लिए तैनात किया गया है।

सूत्रों और हमारे पिछले स्टिंग ऑपरेशंस से यह स्पष्ट है कि रेस्टोरेंट प्रबंधन द्वारा इन कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए जाते हैं कि जैसे ही RTO की गाड़ी इलाके में दिखे, उन्हें तुरंत सूचित किया जाए और बातचीत के जरिए कार्रवाई को रुकवाया जाए। यह कोई संयोग नहीं है कि वशिष्ठ वाणी द्वारा लगातार ‘अवैध पार्किंग’ के मुद्दों को उजागर करने के बावजूद, इन रेस्टोरेंट्स के बाहर कर्मचारी तैनात कर दिए गए हैं। इनका काम ग्राहकों की मदद करना नहीं, बल्कि RTO अधिकारियों को अलर्ट करना और कार्रवाई को रोकना है।

हमारा स्टिंग ऑपरेशन यह स्पष्ट करता है कि:

  • सांठ-गांठ का पर्दाफाश: रेस्टोरेंट के कर्मचारी RTO की गाड़ी देखते ही सक्रिय हो जाते हैं और चक्का-जाम कर कार्रवाई को प्रभावित करते हैं।
  • अधिकारियों की चुप्पी: क्या गोरेगांव RTO को यह ‘सेटिंग’ नहीं दिख रही? या फिर यह मिलीभगत का एक हिस्सा है?
  • सड़कों पर कब्जा: Linkway Estate, Mindspace के पास की सार्वजनिक सड़क, जिसे सुगम यातायात के लिए होना चाहिए, आज एक निजी पार्किंग स्टैंड में बदल दी गई है।

वशिष्ठ वाणी की दो-टूक चेतावनी

हम गोरेगांव RTO को चेतावनी देते हैं कि वशिष्ठ वाणी की टीम की पैनी नजरें हर उस अधिकारी पर हैं जो अपनी जिम्मेदारी निभाने के बजाय मिलीभगत में शामिल है। यह खेल अब ज्यादा दिन नहीं चलेगा। जनता की गाढ़ी कमाई और सार्वजनिक सड़क को किसी भी व्यावसायिक प्रतिष्ठान की निजी जागीर बनने नहीं दिया जाएगा।

हमारी मांग:

  1. तत्काल निरीक्षण: गोरेगांव RTO मौके पर पहुंचकर बिना किसी बाहरी दबाव के निष्पक्ष कार्रवाई करे।
  2. मिलीभगत पर लगाम: उन कर्मचारियों और संबंधित अधिकारियों की पहचान की जाए जो कार्रवाई रोकने का काम कर रहे हैं।
  3. सख्त कार्यवाही: नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठान और सड़क पर अतिक्रमण करने वाले वाहनों पर तुरंत जुर्माना लगाया जाए।

वशिष्ठ वाणी अब चुप नहीं बैठेगी। हम इस मुद्दे को तब तक उठाते रहेंगे जब तक कि मालाड न्यू लिंक रोड पर यातायात पूरी तरह सुगम नहीं हो जाता।

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