मुंबई (मालाड वेस्ट): ‘वशिष्ठ वाणी’ की टीम जब आज मालाड वेस्ट के न्यू लिंक रोड पर पहुंची, तो नजारा हैरान करने वाला था। हफ़्तों की शिकायतों और भारी विरोध के बावजूद Modi Hyundai Showroom के बाहर की स्थिति जस की तस बनी हुई है। सरेआम सड़क और फुटपाथ पर गाड़ियों का कब्जा है, और नगर निगम (BMC) के दावों की पोल खुल चुकी है।
ग्राउंड रिपोर्ट: सड़क पर ‘शोरूम’, जनता के लिए ‘मौत का जाल’
हमारी पड़ताल में सामने आया कि Modi Hyundai ने न केवल फुटपाथ को निगल लिया है, बल्कि अब उनकी गाड़ियां मुख्य सड़क (New Link Road) के एक हिस्से तक फैल चुकी हैं।
- अतिक्रमण का नया लेवल: शोरूम की नई गाड़ियां और रिपेयरिंग के लिए आई कारें सड़क के किनारे इस तरह खड़ी की गई हैं कि ट्रैफिक का दम घुट रहा है।
- राहगीरों की बेबसी: स्थानीय निवासियों ने ‘वशिष्ठ वाणी’ को बताया कि बीएमसी की गाड़ी आती जरूर है, लेकिन वह शोरूम के गेट पर रुककर ‘औपचारिकता’ पूरी करती है और चली जाती है। क्या यह कोई गुप्त ‘सेटिंग’ है?
प्रशासन तमाशबीन, शोरूम मालिक बेखौफ!
सवाल यह उठता है कि आखिर Mody Group को किसका संरक्षण प्राप्त है?
- P/North Ward की चुप्पी: बार-बार की ग्राउंड रिपोर्टिंग के बाद भी वार्ड ऑफिसर ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की?
- ट्रैफिक पुलिस की अनदेखी: सड़क पर अवैध रूप से खड़ी इन गाड़ियों का चालान क्यों नहीं काटा जा रहा? आम जनता की गाड़ी टो (Tow) करने वाली क्रेन यहाँ आकर अपना रास्ता क्यों बदल लेती है?
जनता का आक्रोश: “हमें सड़क चाहिए, कब्जा नहीं!”
‘वशिष्ठ वाणी’ से बात करते हुए एक स्थानीय नागरिक ने गुस्से में कहा, “प्रशासन केवल हमें गुमराह कर रहा है। आज भी यहाँ गाड़ियां खड़ी हैं। ऐसा लगता है जैसे यह पूरी सड़क ही शोरूम ने खरीद ली है।”
वशिष्ठ वाणी का सीधा सवाल:
क्या प्रशासन किसी बड़े एक्सीडेंट का इंतज़ार कर रहा है? या फिर Modi Hyundai Malad जैसे रसूखदार व्यापारिक घरानों के सामने कानून के हाथ बंधे हुए हैं?














