लोकप्रिय विषयमहाराष्ट्रसम्पादकीयकवितास्वास्थ्यअपराधअन्यवीडियो

खुलासा: 14 दिन से ‘वशिष्ठ वाणी’ कर रहा है प्रहार, पर सांसद पीयूष गोयल की चुप्पी बरकरार; क्या भ्रष्टाचार के आगे नतमस्तक है सिस्टम?

मालाड (मुंबई): क्या सत्ता का अहंकार इतना बढ़ गया है कि उसे जनता की सुरक्षा और नियमों की धज्जियाँ उड़ती दिखाई नहीं देतीं? मालाड वार्ड 35 की ‘कोयला वाली गली’ में रेलवे सुरक्षा को ताक पर रखकर कर्सन द्वारा किया जा रहा अवैध निर्माण अब एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है। 9 अप्रैल से आज तक (14 दिन), ‘वशिष्ठ वाणी’ लगातार रेलवे सुरक्षा को खतरे में डालकर किए जा रहे ‘कर्सन’ के अवैध निर्माण की पोल खोल रहा है, लेकिन क्षेत्र के सांसद पीयूष गोयल के पास इस गंभीर विषय पर संज्ञान लेने का वक्त नहीं है।


बीएमसी अधिकारी कुंदन वाल्वी से सवाल क्यों नहीं?

‘वशिष्ठ वाणी’ आज सांसद पीयूष गोयल से सीधा सवाल पूछता है: क्या आपने कभी संबंधित बीएमसी अधिकारी कुंदन वाल्वी से यह पूछने की जहमत उठाई कि जब 21 मई 2025 को बीएमसी ने कर्सन को अवैध निर्माण के खिलाफ नोटिस जारी किया था, तो कार्रवाई करने में एक साल का वक्त क्यों लगा? एक साल तक इस फाइल को दबाकर रखने के पीछे किसका हाथ था?


14 दिन की निरंतर रिपोर्टिंग और ‘शून्य’ असर

गत 9 अप्रैल से ‘वशिष्ठ वाणी’ लगातार अवैध निर्माण की तस्वीरें और बीएमसी के आधिकारिक पत्र साझा कर रहा है। 14 दिन बीत जाने के बाद भी सांसद पीयूष गोयल की तरफ से कोई प्रतिक्रिया न आना उनकी कार्यशैली पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है।

जनता से सीधा संवाद: “आप जिस बीजेपी नेता को चुन रहे हैं, उनकी प्राथमिकताएँ देख लीजिए। अगर 14 दिनों तक मीडिया के चिल्लाने के बाद भी एक सांसद पर असर नहीं पड़ता, तो सोचिए आम जनता की फरियाद इन तक कैसे पहुँचती होगी?”

विपक्ष पर हमला आसान, पर अपने क्षेत्र में काम क्यों नहीं?

अक्सर मंचों से विपक्ष पर जनता का भला न करने का आरोप लगाया जाता है। लेकिन वशिष्ठ वाणी आज सांसद महोदय को आईना दिखाते हुए कहना चाहती है—“भला तो आप भी नहीं कर रहे!” जब आपको अपने ही क्षेत्र (वार्ड 35) का इतना बड़ा विषय दिखाई नहीं दे रहा, तो जनता के बीच आपकी साख क्या रह जाएगी? क्या सांसद और मंत्री पद केवल जनता को गुमराह करने और विपक्ष को कोसने के लिए हैं?

हमारा स्पष्ट संदेश: “पीयूष गोयल जी, अगर आपको मालाड वार्ड 35 का यह जलता हुआ विषय दिखाई नहीं दे रहा है, तो जनता को यह सोचने पर मजबूर होना पड़ेगा कि क्या उनका चुनाव सही था? वशिष्ठ वाणी डंके की चोट पर यह कहती रहेगी—जनता की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले निर्माण पर जब तक कार्रवाई नहीं होगी, हमारा संघर्ष थमेगा नहीं।”

Join WhatsApp

Join Now

और पढ़ें

संसद में ‘विकास’ की गूंज, पर मालाड वार्ड 35 में भू-माफिया का ‘नंगा नाच’! जनता बेहाल, सांसद पीयूष गोयल मौन—क्या यही है सुशासन?

विशेष रिपोर्ट: सत्ता का अहंकार या माफिया से प्यार? पीयूष गोयल के क्षेत्र में ‘कर्सन’ का अवैध राज!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रचा इतिहास: भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले शासनाध्यक्ष बने

पालम आग त्रासदी पर गरमाई सियासत: Arvind Kejriwal का आरोप—‘BJP कार्यकर्ताओं ने शोक सभा में की गुंडागर्दी’

निवारक स्वास्थ्य पर ज़ोर: पीएम मोदी ने केयरगिवर ट्रेनिंग को मजबूत बनाने की कही बात, टेलीमेडिसिन के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर दिया बल

लोकसभा स्पीकर को हटाने का प्रस्ताव, बजट सत्र के दूसरे चरण में हंगामे के आसार

Leave a Comment