महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis), उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) और म्हाडा के उपाध्यक्ष संजीव जायसवाल (Sanjeev Jaiswal) से सीधे जवाब की मांग की जा रही है।
मुंबई | (वशिष्ठ वाणी)
क्या मुंबई में अब संविधान और म्हाडा के नियम सिर्फ कागजों की शोभा बढ़ाने के लिए रह गए हैं? मालवणी के गेट नंबर 8, ओम सिद्धिविनायक सोसायटी से जो हकीकत सामने आई है, वह मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के ‘पारदर्शी प्रशासन’ के दावों पर करारा तमाचा है। यहाँ एक जर्जर वॉटर टैंक को ‘इवेंट स्पॉट’ में तब्दील कर दिया गया है, और रक्षक बने अधिकारी ही भक्षक के पैरोकार बन बैठे हैं।
सबूत


🧨 जर्जर टैंक पर ‘मौत’ का जश्न?
सोसायटी के चेयरमैन और सचिवऔर मलाड पश्चिम के विधायक असलम शेख ने 15 साल पुराने, बेहद कमजोर हो चुके वॉटर टैंक पर कंक्रीट का शेड तान दिया है। यहाँ हर शाम नाच-गाना और शोर-शराबा होता है। स्थानीय लोग डरे हुए हैं कि अगर यह ढांचा गिरा, तो दर्जनों जान जाएगी। लेकिन सत्ता के रसूख में अंधी सोसायटी कहती है— “जगह हमारी है, हम जो चाहें करेंगे।” क्या म्हाडा की जमीन पर किसी निजी संस्था का बाप-दादा का अधिकार हो गया है?
🤫 रोहित शिंदे का ‘विधायक प्रेम’ या डर?
म्हाडा अधिकारी रोहित शिंदे को जब इस अवैध निर्माण के सबूत और ब्लूप्रिंट दिखाए गए, तो उन्होंने कार्रवाई करने के बजाय 4 महीने तक फाइल दबाए रखी। जब ‘वशिष्ठ वाणी’ ने घेरा, तो उनका शर्मनाक तर्क था:
“इसमें MLA असलम शेख का फंड लगा है, हम इसे नहीं हटा सकते।”
शिंदे साहब, जनता आपसे पूछती है— क्या विधायक का फंड किसी अवैध काम को ‘गंगा स्नान’ करा देता है? क्या सरकारी पैसा लगने से ब्लूप्रिंट के नियम खुद-ब-खुद खत्म हो जाते हैं? या फिर आपने कानून की किताब को विधायक के चरणों में गिरवी रख दिया है?
🎯 सीधे निशाने पर ‘सिस्टम’ के आका
- मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस जी: आप गृहमंत्री हैं, क्या आपके राज में विधायक फंड का इस्तेमाल अवैध ढांचों को संरक्षण देने के लिए हो रहा है?
- उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे जी: क्या ‘कॉमन मैन’ का मुख्यमंत्री होना सिर्फ एक नारा है? यहाँ कॉमन मैन नियमों की दुहाई दे रहा है और अधिकारी विधायक के फंड का बहाना बना रहे हैं।
- संजीव जायसवाल (म्हाडा उपाध्यक्ष): आपकी नाक के नीचे रोहित शिंदे जैसे अधिकारी म्हाडा की साख मिट्टी में मिला रहे हैं। क्या आपमें इन पर हंटर चलाने की हिम्मत है?
📢 वशिष्ठ वाणी का अल्टीमेटम
हम सिर्फ खबर नहीं छाप रहे, हम उस ‘सिस्टम’ को ललकार रहे हैं जो फंड के नाम पर भ्रष्टाचार को खाद-पानी दे रहा है। हमारी स्पष्ट मांग है:
- रोहित शिंदे को तुरंत निलंबित कर विभागीय जांच बिठाई जाए।
- विधायक निधि के दुरुपयोग की SIT जांच हो।
- उस अवैध ‘इवेंट स्पॉट’ को 48 घंटे के भीतर ध्वस्त किया जाए।
“साहब, याद रखना… फंड जनता का है, किसी की जागीर नहीं। और कानून सबके लिए एक है!”











