लोकप्रिय विषयमहाराष्ट्रसम्पादकीयकवितास्वास्थ्यअपराधअन्यवीडियो

अश्विनी भिड़े जवाब दें: क्या बीएमसी की ‘शर्म’ भी अब बिक चुकी है? जनता कहाँ से जाएगी?

मुंबई: कल ‘वशिष्ठ वाणी’ ने एक सवाल पूछा था—“मुंबई के फुटपाथों पर ‘धर्म के व्यापारियों’ का कब्जा है, अब जनता कहाँ से जाएगी?” हमें उम्मीद थी कि महानगरपालिका की मुखिया होने के नाते कमिश्नर अश्विनी भिड़े जी इस पर संज्ञान लेंगी। लेकिन शायद, कुर्सी पर बैठे अधिकारियों को लगता है कि आम जनता के सवालों का जवाब देना उनकी गरिमा के खिलाफ है।

वशिष्ठ वाणी की चेतावनी: ज़मीर अभी जिंदा है!

अश्विनी भिड़े जी, आप शायद यह समझती होंगी कि ‘वशिष्ठ वाणी’ खामोश हो जाएगी। लेकिन हम आपको बता दें, हमने अपने ज़मीर को नहीं बेचा है। जहाँ भी गलत होगा और जहाँ भी आम आदमी की जान से खिलवाड़ होगा, ‘वशिष्ठ वाणी’ वहाँ सीना तानकर खड़ा रहेगा। आपकी चुप्पी हमारी आवाज को दबा नहीं सकती, बल्कि इसे और तेज कर रही है।

क्या बीएमसी सिर्फ नेताओं के इशारों पर नाचती है?

आज मुंबई की जनता यह देख रही है कि बीएमसी के अधिकारियों ने अपनी शर्म और नैतिकता को शायद कहीं गिरवी रख दिया है। एक अधिकारी का धर्म होता है—जनता की तकलीफें दूर करना और नियमों का पालन न करने वालों पर कड़ी कार्रवाई करना। लेकिन हकीकत क्या है? कार्रवाई तभी होती है जब किसी सांसद या मंत्री का निर्देश आता है। क्या आप सब केवल हुक्म की गुलाम बनकर रह गई हैं?

अदालत का दरवाजा खटखटाने की तैयारी

जब प्रशासन के कान पर जूं तक न रेंग रही हो, तो रास्ता सिर्फ कानून का बचता है। ‘वशिष्ठ वाणी’ अब इस मुद्दे को सीधे अदालत ले जाने की तैयारी में जुटा है। हम उस दिन का इंतजार कर रहे हैं जब आपको कोर्ट में यह जवाब देना होगा कि आखिर किसके इशारे पर आपने फुटपाथों को ‘धर्म के व्यापारियों’ की जागीर बना दिया?

  • अश्विनी भिड़े जी, क्या आप जनता की जवाबदेह हैं या सिर्फ उन लोगों की जो फुटपाथों पर कब्जा कर रहे हैं?
  • आपकी ‘मलाई’ का खेल और कब तक जनता की जान पर भारी पड़ेगा?
  • याद रखिए, पद हमेशा के लिए नहीं होता, लेकिन जनता का गुस्सा और इतिहास आपको हमेशा याद रखेगा।

‘वशिष्ठ वाणी’ का यह सवाल जारी रहेगा। तब तक, जब तक मुंबई का हर फुटपाथ फिर से आम आदमी के चलने लायक न हो जाए। हम न डरेंगे, न रुकेंगे!

Join WhatsApp

Join Now

और पढ़ें

विशेष रिपोर्ट: ‘सुशासन’ के दावों के बीच ‘खाकी’ की नीलामी — गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस के राज में मालवणी पुलिस का ‘सेटलमेंट मॉडल’!

मालवणी पुलिस चौकी या समझौता केंद्र? — BNS 118 (1) जैसी गैर-जमानती धारा के बाद भी आरोपी बाहर

नहीं रहे ‘क्रांतिवीर’: 75 वर्ष की आयु में नाना पाटेकर का निधन; बॉलीवुड से लेकर राजनीतिक गलियारों तक छाया गहरा शोक

मालवाणी POCSO मामला: बच्ची के साथ खड़े होने के बजाय आरोपी पूर्व चेयरमैन की ढाल बने BJP कार्यकर्ता व समर्थक, सूत्रों का दावा- ‘फंसाने’ की अफ़वाह फैलाकर रची जा रही साजिश!

मालवाणी POCSO मामला: बीजेपी आलाकमान ध्यान दे! ‘वार्ड अध्यक्ष’ बनते ही कार्यकर्ताओं में पनपा ‘राजा’ बनने का वहम; एफआईआर फाड़ने से लेकर मीडिया को दी गई धमकियाँ हुईं पस्त!

BREAKING NEWS: मालवाणी में POCSO के तहत म्हाडा सोसाइटी का चेयरमैन बालासाहेब भगत गिरफ्तार; एफआईआर दर्ज होते ही पुलिस ने लॉकअप में डाला

Leave a Comment